Technical Analysis -1 / टैक्निकल एनालिसिस - १

    




Technical Analysis -1 - टैक्निकल एनालिसिस - १ 


टैक्निकल एनालिसिस शेयर मार्किट की नींव है जिसके ज्ञान के बिना शेयर मार्किट में कूदना मूर्खता होगी, वैसे मै आपको बता दूँ की मैं यहाँ आपको फिरहाल पूरा ज्ञान नहीं दूंगी अब आप सोचेंगे कि तब क्या फायदा तो इसका मतलब ये है की मै वो सारी चीज आपको बताउंगी जो आपको शेयर मार्केट में प्रवेश करने के पहले जरूरी है


क्योंकि पूरा ज्ञान प्राप्त करने में आपको 2 से 3 साल लग जायेंगे, और इतना भी ज्ञान लेके अगर आप मार्किट में जायेंगे तो आप जैसे -जैसे पुराने होंगे वैसे - वैसे आपको स्वतः ही ज्ञान हो जायेगा और तब आपको मेरी या किसी भी एक्सपर्ट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। 




मार्केट में दो तरह के लोग होते हैं एक वो जो रोजाना ट्रेड करते हैं और प्रॉफिट ले के अगले दिन फिर नया स्टॉक ढूंढते है और एक वो लोग जो अच्छी कंपनी को ढूंढ कर उसी में 15 से 20 साल के लिए या अगर उन्हें बहुत अच्छा लाभ मिल रहा है तो ज्यादा समय के लिए भी निवेशित रहते हैं इसमें डेली ट्रेड करने वाले को ट्रेडर्स तथा लम्बे समय के लिए निवेश करने वाले को इन्वेस्टर्स कहा जाता है।


ट्रेडर्स :- ये मुख्यतः टेक्निकल एनालिसिस ( TA ) का इस्तेमाल करता है।
इन्वेस्टर्स :- ये मुख्यतया कंपनी का फंडामेंटल देखकर निवेश करता है।


तो हम इस अध्याय में जानेंगे की टेक्निकल एनालिसिस होता क्या है और ये कैसे काम करता है , एक बात और मै आपको बता दूँ की टेक्निकल एनालिसिस के लिए फंडामेंटल आवश्यक हो सकता है लेकिन फंडामेंटल के लिए टेक्निकल एनालिसिस की कोई आवश्यकता नहीं होती।


Technical Analysis -1 - टैक्निकल एनालिसिस - १


कल्पना कीजिए कि आप विदेश में छुट्टी मनाने गए हैं, एक ऐसे देश में जहाँ की भाषा, खाना सब कुछ आपके लिए नया है। अब आपको जोर की भूख लग जाती है। आप अच्छा खाना चाहते हैं और पास में ही एक जगह है जहाँ खाने पीने की कई दुकानें मौजूद हैं। आप वहां जाते तो है पर भाषा अलग होने की वजह से किसी से बात नहीं कर पाते तो ऐसे में आप क्या करोगे  

ऐसे में आप देखते हो कि वहां बहुत सारी दुकानें हैं जहां पर बहुत भीड़ लगी हुई है लेकिन वो खाना जो आपने कभी नहीं खाया आप कैसे पता करोगे कि कौन सा खाना बढ़िया है अब आपके पास दो विकल्प हैं :-


1:- आप पहली दुकान में जाएंगे और देखेंगे कि वह क्या पक रहा है। पकाने के लिए वो किन-किन चीजों का इस्तेमाल कर रहा है, उसके पकाने का तरीका क्या है, और शायद आपको थोड़ा सा खाके भी पता करना पड़े तब आप तय कर पाएंगे कि यह चीज वास्तव में आपके खाने के योग्य है या नहीं  जब यह काम आप हर विक्रेता के साथ करेंगे, तब आप अपनी पसंद की जगह ढूंढ पाएंगे और मनपसंद चीज खा पाएंगे।


इस तरीके का यही एक फायदा है कि आप संतुष्ट हैं क्यों की आप जानते हैं कि आप क्या खा रहे हैं क्योंकि इसको खाने के लिए आपने खुद रिसर्च की है। लेकिन अब दिक्कत यह है कि अगर मार्किट में 100 से ज्यादा दुकानें हैं, तो आप क्या करेंगे क्या हर दुकान पर जाकर खुद चेक कर पाएंगे। अगर ज्यादा दुकानें होती हैं तो आपके लिए और भी मुश्किल हो जाती है। क्योंकि समय की कमी सबके पास होती है चूँकि आप कुछ ही दुकानों में जा सकते हैं । ऐसे में हो सकता है कि आप से सबसे बढ़िया चीज ही छूट जाए। 


2:- आप पूरे बाजार पर नजर डालते हो  और यह देखने की कोशिश करेते हो कि किस दुकान पर सबसे ज्यादा भीड़ लगी है और सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है। अपने अनुमान के हिसाब से आप दुकान पर जाते हैं और वहां खाना खाते हैं ।


इस तरीके से इस बात की ज्यादा संभावना होगी कि आप को उस बाजार का सबसे अच्छा खाना मिल सके। इस तरीके का यह फायदा है कि आप ज्यादा से ज्यादा अच्छी दुकानों की खोज कर पाएंगे और सबसे ज्यादा भीड़ वाली दुकान पर दाँव लगाकर अच्छा खाना खाने की उम्मीद कर सकते हो। लेकिन क्या यह नहीं हो सकता कि भीड़ की पसंद ही गलत हो और आपको हर बार ढंग का खाना ना मिले।


अब आप इन दोनों विकल्पों से समझ ही गए होंगे कि पहला विकल्प फंडामेंटल है और दूसरा विकल्प टेक्निकल एनालिसिस है फंडामेंटल  के बारे में विस्तार से अगले चैप्टर में चर्चा करेंगे। यहां हम टेक्निकल एनालिसिस पर चर्चा करेंगे।


यहां आप पूरे बाजार में मौके तलाशते हैं और  यह देखते हुए कि बाजार इस समय किधर जा रहा है और बाजार की पसंद आखिर है क्या ? टेक्निकल एनालिसिस की तकनीक में बाजार में मौजूद सभी कारोबारियों की पसंद को देखते हुए ट्रेडिंग के मौके ढूंढे जाते हैं। मार्किट में ज्यादातर कारोबारि क्या पसंद करते हैं इस को पहचानने के लिए शेयर / इंडेक्स के चार्ट को देखा जाता है।

कुछ समय बाद चार्ट में एक पैटर्न बन जाता है ( इस पैटर्न की जानकारी हम आपको आगे आने वाले अध्याय में देंगे ) और उस पैटर्न को देखकर आप बाजार के संकेत को समझ सकते हैं। टेक्निकल एनालिस्ट का काम है कि वो इस पैटर्न को समझे और उसके अनुसार अपना नजरिया बनाए।

टेक्निकल एनालिसिस में बहुत सी अवधारणाओं को शामिल किया जाता है और इसको समझने के बाद ही मार्किट में प्रवेश करना चाहिए क्योंकि जरा सी चूक की हमें बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ती है। ये हमें बताता है कि किस समय मार्केट में प्रवेश करना है और कब मार्किट से बाहर आना है 


किसी ट्रेड से कितना लाभ मिलता है :-

पहली बात तो ये दिमाग से निकाल दें की टेक्निकल के जरिये आप वही स्टॉक का चुनाव कर सकते हैं जो आज NSE में टॉप गेनर होगा और आप बहुत पैसा कमा सकते है सच बात तो ये है कि ये ना तो इतना आसान है और ना ही जल्दी पैसा बनाने का रास्ता। हाँ, ये बात सही है कि अगर हम टेक्निकल एनालिसिस ठीक से करें पाएं तो बड़ा मुनाफा मिल सकता है, 




लेकिन उसके लिए आपको बहुत सारी मेहनत करनी होगी और यह तकनीक सीखनी होगी। अगर आप टेक्निकल एनालिसिस के रास्ते जल्दी-जल्दी बहुत सारा पैसा बनाना चाहते हैं तो हो सकता है कि आपको बहुत बड़ा नुकसान हो जाए। जब बाजार में बहुत सारे पैसे डूब जाते हैं तो आमतौर पर लोग इसका जिम्मेदार टेक्निकल एनालिसिस को दे देते हैं जबकि ट्रेडर अपनी गलती पर नज़र नहीं डालते। इसलिए ये बेहद जरूरी है कि टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर ट्रेड करने के पहले अपनी उम्मीदों को काबू में रखें और इसे अच्छे से समझें।



यहां ऊपर मैने आपको एक चार्ट दिखाया है यहां आप देखेंगे की एक कम्पनी का शेयर 13100 से भागा है और 16700 पर जाकर रुका और उसके बाद इसने करेक्शन दिया और ये 14854 तक वापिस निचे आ गया तो आप देख सकते हैं कि आप कितना कमा सकते हैं और कितना गवां भी सकते हैं और ये मूवमेंट कुछ ही दिन में हुआ है


टेक्निकल एनालिसिस के लिए ध्यान रखने योग्य कुछ प्रमुख बातें :-

1. टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर लंबे समय के निवेश के मौके न तलाशें।

2. TA वाले सौदे कुछ समय के लिए होते हैं इसलिए किसी बड़े मुनाफे की उम्मीद ना करें TA में सफलता के लिए जरूरी है कि आप छोटे -छोटे एवं जल्दी-जल्दी सौदे करें और मुनाफा कमाते रहना है ।

3. टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर किए गए सौदे मिनटों से लेकर कुछ दिनों तक के लिए हो सकते हैं। 

4.ट्रेडर किसी मौके को पहचान कर सौदा करता है, लेकिन कभी–कभी सौदा गलत भी पड़ सकता है और ट्रेडर नुकसान में जा सकता है। कई बार ट्रेडर इस उम्मीद में सौदे से नहीं निकलता कि नुकसान बाद में मुनाफे में बदल जाएगा। लेकिन याद रखिए कि टेक्निकल एनालिसिस पर आधारित सौदे शॉर्ट टर्म के लिए ही होते हैं,


इसलिए नुकसान को कम से कम रखें और सौदे से निकल जाये एवं कमाई का नया मौका तलाशें यही समझदारी है। अभी टेक्निकल एनालिसिस पूरा समाप्त नहीं हुआ है किन्तु मै इस विषय पर आगे की अपनी पोस्ट में लिखूंगी


उम्मीद है की आपने इस अध्याय को ध्यान से पढ़ा होगा मेरा निवेदन है इसको एक बार और पढ़ें और अच्छे से समझ जाएँ अब हम अगले अध्याय में जानेंगे की बाजार पर निगाह कैसे रखें और सौदे को कैसे चुने - धन्यवाद्

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5 टिप्पणियाँ

  1. जय हो देवी जी बहुत अच्छा सुझाव या विश्लेषण अच्छा लगा आगे भी बताती रहे धन्यवाद

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  2. Ma'am please RSI ko achhe se bataiye... Talika nhi smjh i mujhe ...

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  3. बहुत ही अच्छा पोस्ट है .. एक अच्छा ज्ञान टेक्निकल एनालिसिस को ले कर मिला -
    धन्यवाद
    Market with Jayesh Yogi

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