What Is Stock Market - Learn Share Market Basic






What Is Stock Market - Learn Share Market Basic


नमस्कार दोस्तों , तो पिछले अध्याय में हमने जाना की निवेश क्यों करना चाहिए अब हम जानेंगे की शेयर मार्किट है क्या जो सबको इतना आकर्षित करता है इसकी शुरुआत कैसे होती है।


शेयर बाज़ार क्या है :

दरअसल शेयर मार्किट के अच्छे रिटर्न की वजह से ही यह सबको अपनी और आकर्षित करता है जिसमें महंगाई दर से कहीं ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता है। अब सवाल ये आता है कि इसमें निवेश करे कैसे? इसका जवाब जानने से पहले ये जानना बेहद ज़रूरी है कि इक्विटी में निवेश कौन - कौन लोग करते हैं या कर सकते हैं और ये पूरा सिस्टम काम कैसे करता है। 




शेयर बाज़ार में कौन - कौन लोग हिस्सा ले सकते हैं:

1. भारतीय नागरिक जो भारत में ही रहते हैं,  यानी कि हम और आप विदेशों में बसे भारतीय नागरिक। 


2. बड़ी - बड़ी भारतीय कंपनियाँ आती हैं, जैसे LIC 
घरेलू म्युचुअल फंड कंपनियाँ जैसे म्युचुअल फंड, 
फिडेलटी इंवेस्टमेंट्स, HDFC AMC आदि । 


3. विदेशी कंपनियाँ, विदेशी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ, हेज फंड्स आदि । 

What Is Stock Market - Learn Share Market Basic


हमने आपको ये तो बता दिया कि शेयर मार्किट में कौन - कौन लोग निवेश कर सकतें है एक सवाल का जवाब देना/जानना बेहद ज़रूरी हो जाता है कि ये आईपीओ क्या है और कम्पनियाँ इसे लाती क्यों हैं अगर आपने शेयर मार्किट के बारे में सुना है तो आपने ये भी सुना होगा की इस कंपनी का आईपीओ आया है


इस तरह के बहुत से सवाल हैं जिसपर हम एक - एक करके चर्च करेंगे तो चलिये जानते हैं कि आईपीओ क्या है और ये क्यों लाया जाता है किन्तु उससे पहले कुछ और समझते है तब आपको अच्छे से समझ मे आएगा ।

बिजनेस की शुरूआत कैसे होती है :


इस सवाल का जवाब दें इससे पहले हम ये जानते हैं की किसी कंपनी की शुरूआत कैसे होती है। इसको एक कहानी के ज़रिए समझने की कोशिश करते हैं , ताकि बिजनेस यानी कारोबार के लिए फंडिंग जुटाने का सिस्टम कैसे काम करता है ये पता चल सके ।


मान लीजिए कि एक व्यवसायी जिसके पास बहुत ही बढ़िया बिजनेस आइडिया है। वो आइडिया है –  खाद्य पदार्थ का। ये खाद्य पदार्थ सबसे अलग होंगे, इनके दाम भी ग्राहकों के लिए आकर्षक होंगे और इनके उत्पादन में अच्छी क्वालिटी का इस्तेमाल किया गया है । 

उस उद्यमी को यकीन है कि ये कारोबार सफल होगा और वो इस आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए बहुत उत्साहित भी है। लेकिन उसके पास पैसे नहीं है जो कि व्यापार को सुचारू रूप से चलने के लिए काफी अधिक मात्रा की जरूरत है। 


ऐसे में वो क्या करेगा या तो वो बैंक से लोन लेगा या वो अपने रिश्तेदारों / दोस्तों से उधार लेगा, बैंक से लोन लेने में उसको तुरंत से व्याज देना पड़ेगा और रिश्तेदारों से इतनी मोटी रकम मिलना मुश्किल है। 


ऐसे में वो क्या करेगा हम बताते हैं वो अपने दोस्तों को अपना आईडिया बताएगा और उनको बिज़नेस पार्टनर के रूप में काम करने के लिए और इन्वेस्ट करने के लिए कहेगा।




फिर वो अपनी जमा-पूंजी लगाता है और साथ ही अपने दो दोस्तों को कारोबार में पैसा लगाने के लिए मना लेता है। ये दोनों दोस्त कारोबार के शुरू में ही पैसा लगा रहे हैं और उस नए व्यापारी पर एक तरह से दांव लगा रहे होते हैं। इन दोनों दोस्तों को एंजेल इंवेस्टर्स कहते है । जो पैसा ये लोग लगाते हैं वो कर्ज नहीं बल्कि निवेश होता है।


अब प्रमोटर यानि की जिसका बिजनेस आइडिया है और एंजेल इवेंस्टर्स ने मिल कर 3 करोड़ रुपये पूंजी जोड़ी। इस पूंजी को “सीड फंड” कहते हैं ये सीड फंड को कंपनी के बैंक अकाउंट में रखते  हैं । 

जैसे ही सीड फंड को  कंपनी के बैंक अकाउंट में जमा किया  जाता है, इस पैसे को कंपनी का  "प्रारंभिक शेयर कैपिटल" कहते है। इस निवेश के बदले प्रमोटर एवं  दोनो एंजेल इंवेस्टर्स को कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट्स इश्यू कर दिए जाते है, जिससे इन तीनों के पास मालिकाना हक हो जाता हैं।


अभी कंपनी के पास मात्र 3 करोड़ रुपये हैं, यही कंपनी की Asset है। इसलिए कंपनी की वैल्यू भी 3 करोड़ रुपये है। इसीको कंपनी की वैल्यूएशन कहते हैं। 


अब कंपनी को अपने व्यवसाय को बढ़ाने की भी आवश्यकता है तो फिर यही सवाल आता है कि क्या बैंक से लोन लिया जाये लोन लेना अच्छा विकल्प नहीं होता ऐसे में वो कंपनी का शेयर इशू करने के बारे में सोचता है शेयर इश्यू करना बहुत आसान है।  

कंपनी ये मानती है कि हर शेयर की कीमत 8 रुपये है यहाँ पर ये जो शेयर की कीमत 8 रुपये है, उसे शेयर का फेस वैल्यू कहते हैं। फेस वैल्यू ज़रूरी नहीं है कि 8 रुपये ही हो, ये कम या ज्यादा भी हो सकती है।


ऊपर जो शेयर इश्यू किए गए, उसे कंपनी का authorized शेयर कहते हैं। इनमें से कुछ हिस्सा इन तीनों में बाँट दिया जाता है, साथ ही कुछ शेयर्स कंपनी के पास रखे जाते हैं। अब प्रमोटर को 40 परसेंट शेयर मिले, और दोनों एंजेल इंवेस्टर्स को 5-5 परसेंट। कंपनी के पास 50 परसेंट शेयर रखे गए।


दूसरे साल तक कंपनी के खर्च और आय लगभग बराबर हो जाते हैं। प्रमोटर अब काफी अनुभवी हो चूका होता है तो वह कारोबार को थोड़ा फैलाना चाहता है। वह एक और स्टोर खोलना चाहता है और वो एक बिजनेस प्लान बनाता है उसके बाद उसे पता चलता है कि इस काम में कम से कम 10 करोड़ रुपये की पूंजी की आवस्यकता पड़ेगी। 




जब कारोबार में कमाई हो रही होती है तब प्रमोटर उन निवेशकों के पास जाता है जो नए बिजनेस में पैसा लगाते हैं। वो एक ऐसे ही निवेशक से बात करता है , जो उसे कंपनी में 14% हिस्सेदारी के बदले 10 करोड़ रुपये देने को तैयार हैं ब कंपनी ऑथराइज्ड कैपिटल में से 14% शेयर VC को अलॉट कर देती है,


इंवेस्टमेंट के कुछ सालों के बाद कंपनी का कारोबार काफी बढ़ चूका होता है । कंपनी ने कई प्रोडक्ट जोड़ लिए हैं और देश के कई बड़े शहरों में ब्रांचेज भी डाल चुकी है । 


आमदनी भी अब काफी अच्छी हो रही है। लेकिन प्रमोटर फिर भी इससे संतुष्ट नहीं है। और वो अब विदेशों में भी कारोबार फैलाना चाह रहा है। इस बार कैपेक्स की ज़रूरत पहले से भी बड़ी है और मैनेजमेंट का अनुमान है कि उसे 500 करोड़ रुपए चाहिए।  

कंपनी के सामने जो रास्ते हैं वो ये हैं  

1. बैंक से और कर्ज 

2. बॉन्ड इश्यू करना

3. इंटरनल अक्रुअल्स - आंतरिक स्त्रोत

4. आईपीओ के ज़रिए शेयर जारी करना

5.PE फंड से सीरीज डी फंडिंग


कंपनी अब फण्ड जुटाने के लिए कुछ हिस्सा आंतरिक स्त्रोतों से और बाकी आईपीओ से जुटाने का फैसला करती है । और जब कंपनी आईपीओ लाती है तो वो अपने शेयर आम जनता को बेचती है। 


अब जबकि कंपनी अपने शेयर पब्लिक को पहली बार बेच रही है, इसलिए इसे आईपीओ कहते हैं। वैसे इसका पूरा नाम इनिशियल पब्लिक ऑफर होता है 


अब आप समझ गए होंगे कि आईपीओ क्या होता है और इसको लाने की क्या आवश्यकता है



अगले अध्याय में हम जानेंगे कि आईपीओ के बाद क्या होता है और पब्लिक इसमें कैसे भाग ले सकती है या उसमें कैसे इन्वेस्ट कर सकती है - अगर आपको कोई भी ऐसी बात जो मैंने बताई हो और आपको न समझ आई हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते है - धन्यवाद्


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5 टिप्पणियाँ

  1. उत्तर
    1. I will add more related to share market , as i told you if you have any qs. pls. let me know after registration.

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  2. वाह ! बहुत ही सीधा व सरल तरीका समझाने का ..

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If you have any doubt pls. let me know or leave a comment