What Is a Doji Candle Pattern?


            What Is Doji Candle Pattern?



            What Is Doji Candle Pattern?


तो दोस्तों अगर आप दोज़ी कैंडल के बारे में जानने के लिए बेताब हैं और आप जानना चाहते हैं कि दोज़ी कैंडल क्या है और ये कैसे काम करती है तो आप बिलकुल सही जगह पर आये हैं,


ये क्यों बनती है और इससे ट्रेड का कैसे अनुमान लगाया जाता है हम ये सब जानेंगे बस आपसे निवेदन है कि मेरी इस पोस्ट को आप पूरा पढ़ें 


                What Is Doji Candle Pattern?


दोजी कैंडल को मै काफी पसंद भी करती हूँ और उसके पीछे के कुछ कारण हैं क्योंकी अगर कुछ और पैरामीटर का इस कैंडल के साथ इस्तेमाल किया जाये तो ये कम ही फ़ेल होता है और इन पैरामीटर के बारे में हम आगे विस्तार से चर्चा करेंगे पहले हम अपने मूल उद्देश्य कैंडल स्टिक की जानकारी पर ही रहते है इस कैंडल स्टिक का नाम है दोज़ी


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दोज़ी को अगर परिभाषित किया जाये तो इसकी ओपन कीमत और क्लोज कीमत लगभग बराबर होती है और इसका अपर शैडो और लोअर शैडो कितना भी बड़ा हो सकता है कई बार बीच की हलकी बॉडी को भी हम दोज़ी मान सकते हैं या बीच की बॉडी ना हो तो भी हम उसे दोज़ी मान सकते हैं 



जैसा की आप चित्र में देख सकते हैं इसकी ओपन कीमत और क्लोज कीमतलगभग बराबर होती है और इसका अपर शैडो और लोअर शैडो काफी बड़ाभी है इसे देखकर आपको क्या लगता है क्या हुआ होगा उस दिन जो ये कैंडल बनी मै आपको विस्तार से समझाती हूँ  


इस कैंडल का मुख्य महत्व के मार्किट के बूल समय पर या मार्किट के बेयरिश के समय पर ही होता है क्योंकि इस कैंडल के पीछे की  है की जब मार्किट बुल होता है और उसी समय खरीदार और बिकवाल दोनों बराबर पर हावी हो जाते हैं तो तेज़ी करने वाले जो बहुत समय से शेयर को खरीद कर रखे हुए थे या खरीद कर चल रहे थे उनके अंदर एक घबराहट आ जाती है की जो मार्किट लगातार कई दिन से ऊपर जा रहा था और कैंडल भी बेयर की बन रही थी उसने अचानक से दोज़ी बना दिया यानि की मार्किट में बिकवाल भी अब आ चुके हैं




ये भी बतादें की दोज़ी में कलर ( रंग ) का कोई महत्व नहीं होता मतलब अगर मार्किट कई दिन से बुलिश है और दोज़ी बनता है तो वो लाल रंग का बने या हरे रंग का इसका कोई महत्व नहीं होता इसका अर्थ ये लगाया जाता है कि मार्किट जो लगातार कई दिन से ऊपर जा रहा था अब दोज़ी बन गया यानि की अब मार्किट की बढ़त थम गयी है और अब लोग या ट्रेडर्स प्रॉफिट बुकिंग करने के मुंड में आ चुके है तो इसको अगर संक्छेप में समझाया जाये तो दोज़ी एक रिवर्सल का साइन है


अब अगर तेज़ी के समय दोज़ी बनता है तो ऐसे में बिकवाली करनी चाहिए और अगर मंदी के समय बने तो तेज़ी यानि खरीदारी करनी चाहिए आपको ध्यान रखना है कि मार्किट उस समय नार्मल हो और कोई भी निगेटिव या पॉजिटिव खबर न हो अगर हो भी तो अगर ऊपर की तरफ दोज़ी बनता है तो नेगेटिव न्यूज़ आपके लिए बढ़िया है और अगर नीचे बनती है तो पॉजिटिव न्यूज़ आपके लिए बढ़िया हो सकती है  


हालांकि हमें अपने नियम को हमेशा याद रखना है कि हमें अपने विचार में कुछ लचीला पन रखना चाहिए ताकि अगर आपका सौदा उल्टा पद जाये तो आपको कम से कम नुक्सान होगा वैसे ये काफी हद तक स्पिनिंग टॉप की तरह ही होता है और इसका काम भी वैसा ही होता है लेकिन ये उससे कहीं अधिक कारगर साबित होता है जहाँ एक और स्पिनिंग टॉप में अनिश्चितता होती है वहीँ इसे रेवेर्सल का सिग्नल माना जाता है इसीलिए ये कैंडल मेरी पसंदीदा भी है



यहां मै आपको एक चित्र के द्वारा दिखाती हूँ की ये कैसे और कब बनता है :-




यहां आप देख सकते हैं की मार्किट ऊपर जा रहा था और एकाएक दोज़ी बन गया और मार्किट में बिकवाली शुरू  हो गयी


अब मै आपको दूसरा चित्र भी दिखाती हूँ जिसमे दोज़ी बनने के बाद भी खरीदार ही हावी रहे हैं :- 





इस चित्र में आप देखेंगे की स्पिनिंग टॉप के साथ दोज़ी भी बनती गयी है कई बार मगर फिर भी कीमत निचे नहीं आ रही हैं इसके कुछ प्रमुख कारण भी हो सकते हैं जैसे की मैंने पहले भी बताया था की मार्किट अपने अंदर सब कुछ मतलब जो भी इस संसार में हो रहा होता है वो शेयर की वैल्यू में मतलब अपने अंदर समाहित कर लेता है


उदाहरण के लिए अगर भारत - चीन या फिर पाकिस्तान के बिच तनाव बढ़े या बजट आने वाला हो या फिर US प्रेजिडेंट कुछ ख़राब ट्वीट कर दें तो भी शेयर में हल्का फुल्का करेक्शन एक दो दिन का हो जाता है इसीलिए जो स्टॉक लगातार बढ़ता ही जा रहा था और वो ग्लोबल मार्किट , कोई उस शेयर के लिए बढ़िया न्यूज़ , सरकार का आने वाले दिनों में उस शेयर के सेक्टर के लिए फोकस करना ,शेयर का आने वाले दिनों में बॉय बैक या डिविडेंड का ऐलान होने की संभावना आदि हो सकते हैं इसलिए ये ध्यान रखें की कोई भी पोजीशन बनाने से पहले चाहे वो तेज़ी की हो या मंदि की उसके बारे में न्यूज़ भी देखना बेहद जरूरी होती है 

तो दोस्तों मुझे पूरी उम्मीद है की आपने पूरी तरह  दोज़ी का मतलब समझ लिया होगा और ये भी समझ गये होंगे की ये कब और किन परिस्थितियों में बनता है अगर आपका कोई सवाल हो तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं मुझे अफ़सोस है कि मै आपको चित्र नहीं दिखा पाई किन्तु जल्द ही मै अपलोड कर दुंगी अब हम आगे जानेंगे अगली कैंडल स्टिक के बारे में ---- धन्यवाद् 


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