Candlestick Pattern In Hindi



            
      Candle Stick Pattern In Hindi


तो दोस्तों आज हम कैंडल स्टिक की सम्पूर्ण जानकारी - Full knowledge of candle stick शार्ट में आपको समझायेंगे । आपसे अनुरोध है कि आप मुझे फॉलो कर लें ताकि आपको मेरी आने वाली सभी पोस्ट की अपडेट सबसे पहले मिल जाये 


दोस्तों आज हम कैंडल स्टिक के बारे में जानेंगे वो भी सिर्फ एक ही पोस्ट में  शेयर मार्किट में कैंडल स्टिक का बहुत अधिक महत्व होता है तो ये पोस्ट आपके बहुत काम की है 


तो अब हम शुरू करते हैं - कैंडल स्टिक की सम्पूर्ण जानकारी - Full knowledge of candle stick


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१. मारूबोज़ू:- Click Here For Full Detail

एक बुलिश मारूबोज़ू कैंडल बताता है कि मार्किट में बहुत ज्यादा खरीदारी हो रही है और खरीदार किसी भी कीमत पर शेयर को खरीदने के लिए तैयार हैं चाहे वो कोई भी कीमत हो । इसीलिए शेयर जहाँ से खुला वहां से वो सिर्फ ऊपर गया और अपने हाई प्वाइंट पर जाकर बंद हुआ ।


इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता है कि इसके पहले का कौन सी कैंडल थी मतलब लाल यानि बेयरिश या हरी मतलब बुलिश । इस तरह की कैंडल बनने का मतलब  बाजार में मूड अब तेज़ी का है ( अगर हरी कैंडल बने तो ) और अगर लाल कैंडल बने तो मंदी का । यह मान सकते हैं यह तेजी / मंदी का माहौल अगले कुछ समय तक बना रहेगा। इसीलिए एक ट्रेडर को ऐसे में शेयर खरीदने / बेचने के मौके  ढूंढने चाहिए।      


ध्यान रखने योग्य कुछ अहम् बातें :-

१.  मजबूती में खरीदना है और कमजोरी में बेचना है  

२ . पुराने ट्रेंड को देखना है कि यह बुलिश है या बेयरिश 

३. कैंडल अगर बहुत छोटा बना है ( १ - २ % या इससे भी काम ) या फिर कैंडल बहुत बड़ा है ( 10 - 12 % या इससे भी अधिक ) ऐसे में सौदा करने से बचना चाहिए । क्योंकि छोटी कैंडल ट्रेड ट्रैप हो सकती है और इतनी बड़ी कैंडल में एक - दो दिन प्रॉफिट बुकिंग भी हो सकती है 

४. पैटर्न में थोड़ी सी फ्लेक्सिबिलिटी रखना चाहिए यानी बदलाव की गुंजाइश रहे ये इस प्रकार हो सकता है की आप अपनी पोजीशन को काट ने के लिए तैयार रहें या और लेकर के एवरेज सकें


            


२. स्पिनिंग टॉप :- Click Here For Full Detail

अब बात करते हैं स्पिनिंग टॉप के बारे में तो दोस्तों ये एक ऐसी कैंडल है जो मार्किट में या शेयर में अनिश्चितता को दिखाता है वैसे मेरा ये मानना है कि इसके बनने के बाद जब कोई विश्वसनीय कैंडल बने तभी कोई ट्रेड करना चाहिए अन्यथा किसी और शेयर में जहां कोई अन्य कैंडल बनी हो और विश्वसनीय हो एवं कुछ पैरामीटर पर भी खरा उतरता है तो वहां ट्रेड करें 



तो अब ऐसे में स्पिनिंग टॉप बनने पर आप क्या करेंगे क्योंकि यह मार्किट में अनिश्चितता को दर्शाता है तो ऐसे में आपका फैसला बहुत सोच विचार के साथ और सही होना चाहिए याद रखिये आपका एक गलत फैसला आपका बहुत भारी नुक्सान कर सकता है मेरे विचार से आपको ऐसे में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए 


१. ऐसे में या तो और बिकवाली आ सकती है 
२. या तो बाजार संभल जायेगा और ऊपर की तरफ रुख करने लगेगा  


ऐसे में जब परिस्थिति स्पष्ट न हो तो दोनों तरफ की पोजीशन के लिए आपको तैयार रहना चाहिए अगर आप तेज़ी के मुंड में हों तो आपको अपनी आधी पोजीशन बनानी चाहिए माना की आप १००० शेयर लेना चाह रहे थे तो आपको ५०० शेयर ही लेना चाहिए और जब आपको दिखेगा की शेयर ने ब्रेकआउट दे दिया है और ये ऊपर की और जाने की तैयार में है तो आप बचे हुए पैसों में और शेयर ले सकते हैं ताकि आप उसे एवरेज कर सकें 


इससे आपको ये फायदा मिलेगा की अगर बाजार पुनः निचे जाने लगता है तो आप पोजीशन काट सकते है जिससे आपको आधा ही नुक्सान होगा क्योंकि आपने आधे ही शेयर लिए थे ये सब मैंने आपको अपने लेख शेयर मार्केट में लाभ कमाने का तरीका में भी दिया हुआ भी है जहाँ आप दोबारा देख भी सकते है वैसे और भी तरीके शेयर मार्किट से लाभ कमाने के जो मै आपको जल्दी ही शेयर करुँगी अपने आने वाले अध्याय में, स्पिनिंग टॉप का मै आपको एक चित्र शेयर करती हूँ 





ये जो आपको इसमें छोटी -छोटी कैंडल दिख रही है उसी को हम स्पिनिंग टॉप कहते हैं 


३. दोज़ी कैंडल  :- Click Here For Full Detail

जैसा की मैंने आपको दोज़ी के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी और बताया था की ये मेरी सबसे ज्यादा पसंदीदा कैंडल है और उसका कारण है इसका काम करने की एक्यूरेसी ये और कैंडल के अलावा ज्यादा बार सही काम करती है दोज़ी एक सिंगल कैंडल स्टिक पैटर्न है इसका मै आपको एक चित्र  दिखाती हूँ कि ये कैसा होता है और कैसे काम करता है 




इसमें रियल बॉडी बिलकुल नहीं होती है वैसे आप चाहें तो हलकी बॉडी वाली कैंडल को भी दोज़ी मान सकते हैं मई आपको पूरा चार्ट यहाँ शर करती हूँ जिसमे आप देख सकते है है दोज़ी के काम करने का तरीका ये एक रेवेर्सल का सिग्नल होता है मतलब अगर अभी तक तेज़ी थी तो अब मार्किट में बिकवाली की तयारी है और अगर बिकवाली चल रही थी तो अब तेज़ी की संभावना हो गयी है


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कुछ बातें जो आपको ध्यान रखनी चाहिए दोज़ी में वो निम्न हैं :- 

१. ये जरुरी नहीं की उसकी रियल बॉडी बिलकुल न हो हलकी बॉडी वाली कैंडल को भी दोज़ी मान सकते हैं 

२. इससे फर्क नहीं पड़ता की दोज़ी किस रंग की है फर्क पड़ता है की सिर्फ दोज़ी बने

३. ये रिवर्सल का सिग्नल है इसलिए ये या तो लगातार तेज़ी में बनती है या लगातार बिकवाली में 

 ४. अक्सर स्पिनिंग टॉप और दोज़ी एक साथ दिख सकते हैं स्पिनिंग टॉप में जहां खरीदार / बिकवाल थक गए होते हैं या सुस्ता रहे होते हैं वहीँ दोज़ी बनने के बाद रिवर्सल में इसको और बल मिल जाता है

ऐसे में आपको क्या करना चाहिए जाहिर सी बात है की आपको अगले दिन देखना चाहिए की मार्किट में वास्तव में अगर उलटी दिशा में जाने को तैयार है तो मै आपको अवश्य निवेश की सलाह दूंगी चित्र में आप देखेंगे कि यहां एक दोजी तो बना किन्तु तब भी उसने अपनी चाल नहीं बदली ये एक ट्रेड ट्रैप था जिन्हे आपको पहचानना है ( चित्र में सबसे नीचे हरी कैंडल )




४. एंगलफिंग पैटर्न :- Click Here For Full Detail

पैटर्न जी हाँ ये पैटर्न है मतलब यह कि ये एक कैंडल ही नहीं बल्कि कैंडल का पैटर्न है जो इसमें एक दिन की पहले कैंडल के साथ ये बनती है एंगलफ का मतलब होता है ढकना मतलब ये की मान लीजिये कि आज मंगलवार है और एक कैंडल बनी अगले दिन यानी बुधवार को जो कैंडल बनी उसने मंगलवार की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया है तो वो एंगलफिंग पैटर्न कहलाता है अगर ये किसी चार्ट में नीचे की तरफ बनता है तो उसे बुलिश एंगलफिंग तथा ऊपर की तरफ बनता है तो उसे बेयरिश कैंडल कहते हैं 


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आपके ध्यान देने योग्य बातें और आपको क्या करना चाहिए 

१. ये पैटर्न दो दिन की कैंडल को मिला कर बनता है 

२. रिस्क लेने वाला ट्रेडर जिस दिन ये कैंडल बनरहा होता है उसी दिन बाजार बंद होने से ठीक पहले ले सकता है 

३. रिस्क से बचने वाला पैटर्न बनने के बाद ये सुनिश्चित करता है कि कैंडल सही काम कर रहा है की नहीं जब वो सुनिश्चित हो जायेगा की हाँ ये सही काम कर रहा है तब वो खरीदारी / बिकवाली करेगा 

४. ध्यान रखें की कोई भी कैंडल जिसमे बहुत ज्यादा उछाल हो ( १० - १२ % या इससे अधिक ) उसको छोड़ देना ही समझदारी है ये मैंने फुल चार्ट दिया है और इसमें आपको बुलिश & बेयरिश कैंडल पैटर्न को देख सकते हैं 




आप देख सकते हैं कि एंगलफिंग पैटर्न जो नीचे बना है उसके बाद शेयर की चाल बदल गयी उसके बाद यही स्थिति ऊपर भी हुई आपको इसी को पहचानने की प्रैक्टिस करनी है ये सिर्फ लगातार खरीदारी हो या लगातार बिकवाली हो तब बनती है वो भी विपरीत दिशा में  

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५ .पियर्सिंग पैटर्न :- Click Here For Full Detail 

पियर्सिंग पैटर्न और एंगलफिंग पैटर्न लगभग एक ही जैसा होता है और काम भी एक जैसा ही करता है बस अंतर सिर्फ  है की जहां एंगलफिंग एक दिन पहले की कैंडल को पूरी तरह से ढक लेता है वहीँ पियर्सिंग पैटर्न कुछ अंश ढकता है ये लगभग ५० % से ९०% तक ढकता है इसमें ज्यादा कुछ बताने की आवस्यकता नहीं है क्यों की इसमें बाकी सब कुछ एंगलफिंग पैटर्न  ही होता है बाकी अगर आप दोबारा जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं 




यहां चित्र में आप एक चार्ट में इस पैटर्न देख सकते हैं 


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६. डार्क क्लाउड कवर :- Click Here For Full Detail 

डार्क क्लाउड कवर पैटर्न वैसे अगर आप देखें तो बेयरिश एंगलफिंग जैसा ही होता है बस इसमें भी थोड़ा अंतर ये है की जैसे एंगलफिंग में एक दिन पहले की पूरी कैंडल ढकी हुई होती है वहीँ डार्क क्लाउड में ५०% से अधिक और १००% से कम ढकी होती है आप चाहें तो इसे बेयरिश पियर्सिंग भी कह सकते हैं 




इसके पीछे बनने की सोच ये होती है की जब एक लम्बी कैंडल ( हरी ) बनती है तो डार्क क्लाउड का ( लाल ) बनना तेज़ी करने वालों के अंदर दर पैदा कर देता है जिससे वे अपनी पोजीशन को कटडेटे हैं और मार्किट में और भी ज्यादा गिरावट हो जाती है आप इसको निचे दिए चित्र में देख सकते है जिससे आप और अच्छे से समझ सकते हैं ( जल्दी ही मै चित्र अपलोड करुँगी )


७. हरामी पैटर्न :- Click Here For Full Detail

इसका मतलब गर्भवती से होता है मतलब की एक कैंडल मान लिया कि हरी जो कि बड़ी बनी थी उसके बाद उसकी विपरीत कैंडल लाल जो की छोटी देखने में हरी के बच्चे की तरह दिखती है उसको कहते है ये किस तरह बनती है आइये जानते हैं 


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१. मार्किट कई दिन से गिर रहा था लाल कैंडल के साथ और एक दिन और लाल कैंडल बन जाती है जो की काफी बड़ी है

२. उसके अगले दिन मार्किट खुलता है और कैंडल हरी बन जाती है

३. जिससे जो ट्रेडर्स बिकवाली कर रहे थे उनमे अचानक हरी कैंडल बनने से घबराहट आ जाती है

४. हरी कैंडल बनने के अगले दिन मार्किट फिर ऊपर जाने को तैयार देख कर बिकवाल समझ जाते हैं की अब मार्किट का मूंड बदल गया है 

५. इस कन्फर्मेशन के बाद वो भी खरीदारी करने लग जाते हैं और बाजार तेज़ी से ऊपर जाता है 


इसको मै एक चार्ट में साफ़ - साफ़ दिखाती हूँ ताकि आपको स्पष्ट समझ में आ जाये




८. मॉर्निंग स्टार / इवनिंग स्टार :- Click Here For Full Detail

मॉर्निंग स्टार / इवनिंग स्टार दोनों कैंडल एक दुसरे के विपरीत होती है इसीलिए मैंने इन दोनों को एक साथ रखा है ताकि आपको कम भाषा में अधिक समझा सकूँ ये दोनों तीन ट्रेडिंग सेशन में बनते हैं मॉर्निंग स्टार में जब मार्किट गिर रहा होता है तो पहले दिन लाल कैंडल ( रंग आप अपने मन से चुन सकते हो लाल मैंने बेयरिश के लिए चुना है ) फिर एक दोज़ी की तरह का कैंडल फिर एक बुलिश कैंडल ( हरा ) बने तो वो मॉर्निंग स्टार होता है  

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इसी के विपरीत इवनिंग स्टार में जब मार्किट बढ़ रहा होता है तो पहले दिन हरा कैंडल ( रंग आप अपने मन से चुन सकते हो हरा मैंने मैंने बुलिश के लिए चुना है ) फिर एक दोज़ी की तरह का कैंडल फिर एक बेयरिश कैंडल ( लाल ) बने तो वो इवनिंग स्टार होता है ये पैटर्न भी काफी विश्वसनीय माना जाता है 

याद रखने योग्य कुछ बातें ( मॉर्निंग स्टार के लिए )  :-

१. डे वन को लाल कैंडल बननी चाहिए 

२. सेकंड डे एक दोज़ी का बनना 

३. थर्ड डे को ग्रीन कैंडल बनना 

इवनिंग स्टार के लिए इसका रंग उल्टा होना चाहिए 




शूटिंग स्टार :-  Click Here For Full Detail

जो अब मै आपको कैंडल पैटर्न के बारे में बताने जा रही हूँ वो ट्रेडिंग की दुनिया में काफी प्रचलित कैंडल है ये वास्तव में दिखने में उल्टे पेपर अम्ब्रेला जैसी ही होती है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्यों की जहाँ एक और पेपर अम्ब्रेला में लोअर शैडो काफी लम्बी होती है ऊपर शैडो नहीं होता है या ना के बराबर होता है वहीँ शूटिंग स्टार में लोअर शैडो नहीं होता है या ना के बराबर होता है और अपर शैडो काफी लम्बी होता है


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शूटिंग स्टार एक बेयरिश कैंडल होता है और ये तब बनती है जब मार्किट में खरीदार हावी रहते हैं वो भी काफी समय तक और वो थक जाते हैं या फिर कहें कि वो अब प्रॉफिट बुकिंग के मूंड में आ जाते है इसको मै एक चार्ट के माध्यम से दिखाती हूँ 




शूटिंग स्टार के बनने के पीछे की सोच कुछ इस प्रकार की होती है :-

1. मार्किट तेज़ी में है और शूटिंग स्टार बनने के एक दिन पहले यह तेज़ी का यानि की हरी कैंडल बनता है 

2. अगले दिन जिस दिन शूटिंग स्टार बनता है तो बाजार एक नया हाई बनता है किन्तु वहां टिक नहीं पाता है और बिकवाल हावी हो जाते हैं 

3. बिकवाल के आ जाने से बाजार अपने नए लो पर आके बंद हो जाता है जिससे या तो लाल कैंडल बन जाति है या फिर हरी 

4. कैंडल की अपर शैडो रियल बॉडी से दुगनी या उससे अधिक होनी चाहिए 


5. शूटिंग स्टार बन जाने के बाद ऐसी सोच होती है की अब लोग या तो प्रॉफिट बुकिंग करेंगे या बिकवाल आ जायेंगे और ये कुछ दिन तक युहीं चलता रहेगा  

6. ऐसे में ट्रेडर को बिकवाली  ढूंढने चाहिए 

7. इसका स्टॉपलॉस इंट्राडे के लिए दिन का हाई होना चाहिए  

8. रिस्क लेने वाले ट्रेडर्स को ये सुनिश्चित करना होगा की वास्तव में
शूटिंग स्टार बन रहा है या नहीं



तो दोस्तों कैंडल स्टिक और इसके पैटर्न की जानकारी का रिवीजन मैंने आपको शार्ट में करवा दिया है मेरी हमेशा से कोशिश यही रही है की मै आपको सीधी और सरल भाषा में समझा सकूँ


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अगर आपको इन कैंडल्स की विस्तृत जानकारी चाहिए तो आप मेरे ब्लॉग में जा करके देख सकते हैं और मैंने आपकी सुविधा के लिए हर कैंडल के आगे उनका लिंक भी दिया हुआ है जहां आप स्वयं जा करके देख सकते हैं 

तो दोस्तों मैंने इसमें जो भी लिखा है वो मेरा सालों का और खुद का किया हुआ अनुभव है और इस उम्मीद के साथ की आप लोग इसको अच्छे से समझ सकें और अपने नुक्सान को रोक सकें या फिर इस उम्मीद से की कुछ लोगों के पास कुछ पैसे तो हैं लेकिन रोजगार नहीं तो मेरे पोस्ट उन लोगों के लिए भी बहुत काम आने वाले हैं अगर आपका कोई सवाल हो तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं मै आपके हर सवाल का जवाब अवश्य दूंगी -- धन्यवाद्

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