Candlestick Pattern In Hindi | Candlestick Chart Pattern | How Do You Read a Candle Pattern

By: Nutan Srivastava

Candlestick Pattern In Hindi | Candlestick Chart Pattern | How Do You Read a Candle Pattern | कैंडल स्टिक की सम्पूर्ण जानकारी - Full knowledge of candle stick | How Many Types Of Candlestick Patterns are There In Stock Market | Does Candlestick Patters Realy Work | Which Candlestick Pattern is Most Reliable


दोस्तों आज हम आपको कैंडल स्टिक की सम्पूर्ण जानकारी - Full knowledge of candle stick देंगे। आपसे अनुरोध है कि आप मुझे फॉलो कर लें ताकि आपको मेरी आने वाली सभी पोस्ट की अपडेट सबसे पहले मिल जाये। 

TechnicalAnalysis में Candlestick Pattern एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आज हम इन्ही पर चर्चा करेंगे कि ये स्टॉक मार्किट में किस प्रकार अपनी भूमिका निभाता है 

कैंडलस्टिक की आवश्यकता - Need of candlestick

कैंडलस्टिक हमें एक Special Candle (Candlestick Chart Pattern)  बना के आगे स्टॉक की चाल कैसी रहने वाली है इसकी ओर संकेत करता है इस हर एक Special Candle को एक नाम दिया गया है जिसके नाम के साथ मैंने यहां आपको समझाने की कोशिश की है। 


How Many Types Of Candlestick Patterns are There In Stock Market

1. मारूबोज़ू:- Click Here For Full Detail

एक बुलिश मारूबोज़ू कैंडल बताता है कि मार्किट में बहुत ज्यादा खरीदारी हो रही है और खरीदार किसी भी कीमत पर शेयर (Stock) को खरीदने के लिए तैयार हैं चाहे वो कोई भी कीमत हो । इसीलिए शेयर जहाँ से खुला वहां से वो सिर्फ ऊपर गया और अपने हाई प्वाइंट पर जाकर बंद हुआ।

इससे कोई भी फर्क नहीं पड़ता है कि इसके पहले का कौन सी कैंडल थी (Candlestick Pattern) मतलब लाल यानि बेयरिश या हरी मतलब बुलिश। इस तरह की कैंडल बनने का मतलब  बाजार में मूड अब तेज़ी का है ( अगर हरी कैंडल बने तो ) और अगर लाल कैंडल बने तो मंदी का । यह मान सकते हैं यह तेजी / मंदी का माहौल अगले कुछ समय तक बना रहेगा। इसीलिए एक ट्रेडर को ऐसे में शेयर खरीदने / बेचने के मौके  ढूंढने चाहिए।      

ध्यान रखने योग्य कुछ अहम् बातें | How Do You Read a Candle Pattern:-

1.  मजबूती में खरीदना है और कमजोरी में बेचना है। 

2 . पुराने ट्रेंड को देखना है कि यह बुलिश है या बेयरिश।  

3. कैंडल अगर बहुत छोटा बना है ( 1 - 2 % या इससे भी काम ) या फिर कैंडल बहुत बड़ा है ( 10 - 12 % या इससे भी अधिक ) ऐसे में सौदा करने से बचना चाहिए । क्योंकि छोटी कैंडल ट्रेड ट्रैप हो सकती है और इतनी बड़ी कैंडल में एक - दो दिन प्रॉफिट बुकिंग भी हो सकती है।  

4. पैटर्न में थोड़ी सी फ्लेक्सिबिलिटी रखना चाहिए यानी बदलाव की गुंजाइश रहे ये इस प्रकार हो सकता है की आप अपनी पोजीशन को काट ने के लिए तैयार रहें या और लेकर के एवरेज कर सकें। 


            



2. Paper umbrella Candlestick pattern - पेपर अम्ब्रेला पैटर्न

Click Here For Full Detail 

इस कैंडल को दो भागों में बांटा जाता है और मै आपको बतादूँ की ये भी काफी अच्छी कैंडल मानी जाती है इसके भी कम फ़ेल होने की संभावना होती है इसके दो भाग इस प्रकार हैं 

1. हैंगिंग मैन ( ये पैटर्न बेयरिश का होता है )
2. हैमर ( ये पैटर्न बुलिश यानि की तेज़ी का होता है )

1. अगर ट्रेंड तेज़ी का है और पेपर अम्ब्रेला हरी कैंडल के साथ चार्ट में ऊपर की तरफ बने तो उसको हैंगिंग मैन कहा जाता है। 

2. अगर ट्रेंड मंंदी का है और पेपर अम्ब्रेला मंदि के चार्ट में जो कि लाल कैंडल से दर्शाया गया है और चार्ट के निचले हिस्से में बने तो वो हैमर कहलाता है। 

(a) Hammer Candle - हैमर कैंडल | Candlestick Pattern

पेपर अम्ब्रेला में शैडो रियल बॉडी से कम से कम 2 गुना और ज्यादा से ज्यादा कितनी भी बड़ी हो सकती है इसको हम एक उदाहरण के द्वारा समझाने की कोशिश करते हैं : मान लीजिये ओपन प्राइस  = 200 हाई प्राइस = 204 लो प्राइस = 190 क्लोज प्राइस = 203

अब आप ध्यान दीजियेगा की यहाँ रियल बॉडी की लम्बाई होगी =क्लोज प्राइस - ओपन प्राइस 203  - 200 = 3 , और वहीँ शैडो की लम्बाई होगी = ओपन प्राइस - लो प्राइस 200 - 190  = 10 

इसको हम एक चार्ट के माध्यम से समझाने की कोशिश करते हैं इस चार्ट में आपको हैमर दिखेगा जो कि गिरावट के बाद बनता है। 


हैमर कैंडल का बनना और इसके पीछे की सोच

एक हैमर कैंडल बहुत ही अच्छा कैंडल माना जाता है और ये तब बनता है जब ट्रेंड नीचे की तरफ हो जैसा ऊपर चित्र में आपको दिखाया गया है इसमें रियल बॉडी बहुत छोटी और एक बहुत बड़ा लोअर शैडो होता है

लोअर शैडो जितना बड़ा होगा कैंडल उतनी ही बढ़िया मानी जाती है इसमें अगर बिलकुल हल्का अपर शैडो भी हो तो उसे भी हैमर माना जा सकता है इसके बनने पर रंग का कोई महत्त्व नहीं होता है ये बेयरिश के दौरान लाल रंग का भी बन सकता है और हरे रंग का भी। 

अब बात आती है की इसके बनने के पीछे सोच क्या होती है जो की बहुत जरूरी है जब मार्किट गिर रहा होता है और अगले दिन मार्किट फिर से नीचे  की ओर खुलता है और वो काफी नीचे चला जाता है

जैसे ऊपर उदाहरण दिया था उसी को फिर दोहराते हैं पिछले दिन का  क्लोज 201 और मार्किट खुला 200 पर  है ये थोड़ा सा हाई भी बना दे और ये 204  जाकर वापिस इसमें बिकवाली होती है और ये 190 तक पहुँच जाता है वहीँ से इसमें खरीदारी शुरू हो जाती है और ये वापिस 203 तक पहुँचने में सफल हो जाता है तो इस तरह ये हैमर बना देता है। 

अब जो बिकवाल होते हैं वो देखते हैं की स्टॉक जो 190 तक जाने के बाद इतना जबरदस्त रिकवर हुआ है यानि की 190 से 203 टोटल 13 रूपए और 200 वाले स्टॉक के लिए 13 रूपए काफी मायने रखते हैं तो जो लोग बिकवाली कर रहे थे वो अब सतर्क हो जाते हैं। 

तो याद रखें हैमर का बनना खरीदारी की शुरुआत का संकेत है ऐसे में आपको खरीदारी करके चलना चाहिए आप चित्र में देख सकते हैं ( चित्र ऊपर दिया गया है ) की हैमर बनने के बाद शेयर की चाल कैसे बदल गयी। 


(b) Hanging Man Candle - हैंगिंग मैन कैंडल 


इसी प्रकार किसी शेयर में जो लगातार ऊपर की तरफ जा रहा हो और उसमे पेपर अम्ब्रेला बने तो उसे हैंगिंग मैन कहते हैं इस पर ज्यादा नहीं लिखूंगी क्योंकि ये हैमर का बिल्कुल उल्टा होता है  ध्यान देने योग्य कुछ बाते जो मै सीरियल वाइज आपको बताती हूँ। 

Candlestick Pattern In Hindi | Candlestick Chart Pattern | How Do You Read a Candle Pattern

1. मार्किट तेज़ी में होना चाहिए। 
2. एक कैंडल पेपर अम्ब्रेला बने। 
3. कैंडल किसी भी रंग का हो सकता है। 
4 इसके साथ लम्बी लोअर शैडो होनी चाहिए इससे ये प्रतीत होता है कि  बाजार में बेयर घुसने की कोशिश में हैं। 
5. ऐसे में आपको बिकवाली करने की तैयारी करनी चाहिए या करने के लिए तैयार रहें।

नीचे एक चित्र दिखा रही हूँ मै आपको, जो की बड़ा ही दिलचस्प चार्ट है इसमें ऊपर की तरफ लाल और नीले गोले में आपको एक साथ दो हैंगिंग मैन दिखेंगे और नीचे भी एक आपको हैंगिंग मैन जैसा कैंडल दिखेगा लेकिन ये सिर्फ एक ट्रेड ट्रैप था क्योंकि जैसा मैंने आपको बताया था कि काफी लम्बी चाल के बाद ये कैंडल बनना चाहिए। 



अगर आप मुझसे पूछें तो मुझे पेर्सनली हैमर ज्यादा पसंद और भरोसे मंद लगता है लेकिन कोई भी सिर्फ एक तकनीक मार्किट में काम नहीं आती आप अपना स्वयं का नजरिया बनायें किसी की नक़ल न करें नक़ल करने में या किसी से सीखने में अंतर होता है मै आपको सिखाती हूँ मुझे आप फॉलो कर सकते हैं लेकिन मै आपको अपने आपको कॉपी करने की सलाह कभी  नहीं दूंगी। 

3. स्पिनिंग टॉप :- Click Here For Full Detail

अब बात करते हैं स्पिनिंग टॉप के बारे में तो दोस्तों ये एक ऐसी कैंडल है जो मार्किट में या शेयर में अनिश्चितता को दिखाता है वैसे मेरा ये मानना है कि इसके बनने के बाद जब कोई विश्वसनीय कैंडल बने तभी कोई ट्रेड करना चाहिए अन्यथा किसी और शेयर में जहां कोई अन्य कैंडल बनी हो और विश्वसनीय हो एवं कुछ पैरामीटर पर भी खरा उतरता है तो वहां ट्रेड करें। 


Read This Also :-

Candlestick Pattern In Hindi | Candlestick Chart Pattern | How Do You Read a Candle Pattern

तो अब ऐसे में स्पिनिंग टॉप बनने पर आप क्या करेंगे क्योंकि यह मार्किट में अनिश्चितता को दर्शाता है तो ऐसे में आपका फैसला बहुत सोच विचार के साथ और सही होना चाहिए याद रखिये आपका एक गलत फैसला आपका बहुत भारी नुक्सान कर सकता है मेरे विचार से आपको ऐसे में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।  

1. ऐसे में या तो और बिकवाली आ सकती है 
2. या तो बाजार संभल जायेगा और ऊपर की तरफ रुख करने लगेगा          
ऐसे में जब परिस्थिति स्पष्ट न हो तो दोनों तरफ की पोजीशन के लिए आपको तैयार रहना चाहिए अगर आप तेज़ी के मुंड में हों तो आपको अपनी आधी पोजीशन बनानी चाहिए माना की आप 1000 शेयर लेना चाह रहे थे तो आपको 500 शेयर ही लेना चाहिए और जब आपको दिखेगा की शेयर ने ब्रेकआउट दे दिया है और ये ऊपर की और जाने की तैयार में है तो आप बचे हुए पैसों में और शेयर ले सकते हैं ताकि आप उसे एवरेज कर सकें। 


इससे आपको ये फायदा मिलेगा की अगर बाजार पुनः निचे जाने लगता है तो आप पोजीशन काट सकते है जिससे आपको आधा ही नुक्सान होगा क्योंकि आपने आधे ही शेयर लिए थे ये सब मैंने आपको अपने लेख शेयर मार्केट में लाभ कमाने का तरीका में भी दिया हुआ भी है जहाँ आप दोबारा देख भी सकते है वैसे और भी तरीके शेयर मार्किट से लाभ कमाने के जो मै आपको जल्दी ही शेयर करुँगी अपने आने वाले अध्याय में, स्पिनिंग टॉप का मै आपको एक चित्र शेयर करती हूँ।  


ये जो आपको इसमें छोटी -छोटी कैंडल दिख रही है उसी को हम स्पिनिंग टॉप कहते हैं।  

4. दोज़ी कैंडल  :- Click Here For Full Detail

जैसा की मैंने आपको दोज़ी के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी और बताया था की ये मेरी सबसे ज्यादा पसंदीदा कैंडल है और उसका कारण है इसका काम करने की एक्यूरेसी ये और कैंडल के अलावा ज्यादा बार सही काम करती है दोज़ी एक सिंगल कैंडल स्टिक पैटर्न है इसका मै आपको एक चित्र  दिखाती हूँ कि ये कैसा होता है और कैसे काम करता है।  




इसमें रियल बॉडी बिलकुल नहीं होती है वैसे आप चाहें तो हलकी बॉडी वाली कैंडल को भी दोज़ी मान सकते हैं मई आपको पूरा चार्ट यहाँ शर करती हूँ जिसमे आप देख सकते है है दोज़ी के काम करने का तरीका ये एक रेवेर्सल का सिग्नल होता है मतलब अगर अभी तक तेज़ी थी तो अब मार्किट में बिकवाली की तयारी है और अगर बिकवाली चल रही थी तो अब तेज़ी की संभावना हो गयी है। 


Read This : How To Select A Stock to Invest In Share Market For Consistent Return


कुछ बातें जो आपको ध्यान रखनी चाहिए दोज़ी में वो निम्न हैं :- 

1. ये जरुरी नहीं की उसकी रियल बॉडी बिलकुल न हो हलकी बॉडी वाली कैंडल को भी दोज़ी मान सकते हैं।  

2. इससे फर्क नहीं पड़ता की दोज़ी किस रंग की है फर्क पड़ता है की सिर्फ दोज़ी बने। 

3. ये रिवर्सल का सिग्नल है इसलिए ये या तो लगातार तेज़ी में बनती है या लगातार बिकवाली में।  

4. अक्सर स्पिनिंग टॉप और दोज़ी एक साथ दिख सकते हैं स्पिनिंग टॉप में जहां खरीदार / बिकवाल थक गए होते हैं या सुस्ता रहे होते हैं वहीँ दोज़ी बनने के बाद रिवर्सल में इसको और बल मिल जाता है। 

ऐसे में आपको क्या करना चाहिए जाहिर सी बात है की आपको अगले दिन देखना चाहिए की मार्किट में वास्तव में अगर उलटी दिशा में जाने को तैयार है तो मै आपको अवश्य निवेश की सलाह दूंगी चित्र में आप देखेंगे कि यहां एक दोजी तो बना किन्तु तब भी उसने अपनी चाल नहीं बदली ये एक ट्रेड ट्रैप था जिन्हे आपको पहचानना है। ( चित्र में सबसे नीचे हरी कैंडल )



5. एंगलफिंग पैटर्न :- Click Here For Full Detail

पैटर्न जी हाँ ये पैटर्न है मतलब यह कि ये एक कैंडल ही नहीं बल्कि कैंडल का पैटर्न है जो इसमें एक दिन की पहले कैंडल के साथ ये बनती है एंगलफ का मतलब होता है ढकना मतलब ये की मान लीजिये कि आज मंगलवार है और एक कैंडल बनी अगले दिन यानी बुधवार को जो कैंडल बनी उसने मंगलवार की कैंडल को पूरी तरह से ढक लिया है तो वो एंगलफिंग पैटर्न कहलाता है अगर ये किसी चार्ट में नीचे की तरफ बनता है तो उसे बुलिश एंगलफिंग तथा ऊपर की तरफ बनता है तो उसे बेयरिश कैंडल कहते हैं।  

Read This : Which Indicator Is Best For Trading

आपके ध्यान देने योग्य बातें और आपको क्या करना चाहिए 

1. ये पैटर्न दो दिन की कैंडल को मिला कर बनता है।  

2. रिस्क लेने वाला ट्रेडर जिस दिन ये कैंडल बनरहा होता है उसी दिन बाजार बंद होने से ठीक पहले ले सकता है।  

3. रिस्क से बचने वाला पैटर्न बनने के बाद ये सुनिश्चित करता है कि कैंडल सही काम कर रहा है की नहीं जब वो सुनिश्चित हो जायेगा की हाँ ये सही काम कर रहा है तब वो खरीदारी / बिकवाली करेगा।  

4. ध्यान रखें की कोई भी कैंडल जिसमे बहुत ज्यादा उछाल हो ( 10 - 12% या इससे अधिक ) उसको छोड़ देना ही समझदारी है ये मैंने फुल चार्ट दिया है और इसमें आपको बुलिश & बेयरिश कैंडल पैटर्न को देख सकते हैं।  




आप देख सकते हैं कि एंगलफिंग पैटर्न जो नीचे बना है उसके बाद शेयर की चाल बदल गयी उसके बाद यही स्थिति ऊपर भी हुई आपको इसी को पहचानने की प्रैक्टिस करनी है ये सिर्फ लगातार खरीदारी हो या लगातार बिकवाली हो तब बनती है वो भी विपरीत दिशा में  Read This : Top 5 Largest Companies by Net Profits in India FY2019-2020

6.पियर्सिंग पैटर्न :- Click Here For Full Detail 

पियर्सिंग पैटर्न और एंगलफिंग पैटर्न लगभग एक ही जैसा होता है और काम भी एक जैसा ही करता है बस अंतर सिर्फ  है की जहां एंगलफिंग एक दिन पहले की कैंडल को पूरी तरह से ढक लेता है वहीँ पियर्सिंग पैटर्न कुछ अंश ढकता है ये लगभग 50% से 90% तक ढकता है इसमें ज्यादा कुछ बताने की आवस्यकता नहीं है क्यों की इसमें बाकी सब कुछ एंगलफिंग पैटर्न  ही होता है बाकी अगर आप दोबारा जानना चाहते हैं तो ऊपर दिए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।  


यहां चित्र में आप एक चार्ट में इस पैटर्न देख सकते हैं 

Read This : How To Become A Successful Traders In Share Market

7. डार्क क्लाउड कवर :- Click Here For Full Detail 

डार्क क्लाउड कवर पैटर्न वैसे अगर आप देखें तो बेयरिश एंगलफिंग जैसा ही होता है बस इसमें भी थोड़ा अंतर ये है की जैसे एंगलफिंग में एक दिन पहले की पूरी कैंडल ढकी हुई होती है वहीँ डार्क क्लाउड में 50% से अधिक और 100% से कम ढकी होती है आप चाहें तो इसे बेयरिश पियर्सिंग भी कह सकते हैं।  




इसके पीछे बनने की सोच ये होती है की जब एक लम्बी कैंडल ( हरी ) बनती है तो डार्क क्लाउड का ( लाल ) बनना तेज़ी करने वालों के अंदर दर पैदा कर देता है जिससे वे अपनी पोजीशन को काट देते हैं और मार्किट में और भी ज्यादा गिरावट हो जाती है आप इसको चित्र में देख सकते है जिससे आप और अच्छे से समझ सकते हैं। 

8. हरामी पैटर्न :- Click Here For Full Detail

इसका मतलब गर्भवती से होता है मतलब की एक कैंडल मान लिया कि हरी जो कि बड़ी बनी थी उसके बाद उसकी विपरीत कैंडल लाल जो की छोटी देखने में हरी के बच्चे की तरह दिखती है उसको कहते है ये किस तरह बनती है आइये जानते हैं।  

Read This : Technical Analysis In Hindi Part -1 / टैक्निकल एनालिसिस भाग- १

1. मार्किट कई दिन से गिर रहा था लाल कैंडल के साथ और एक दिन और लाल कैंडल बन जाती है जो की काफी बड़ी है। 

2. उसके अगले दिन मार्किट खुलता है और कैंडल हरी बन जाती है। 

3. जिससे जो ट्रेडर्स बिकवाली कर रहे थे उनमे अचानक हरी कैंडल बनने से घबराहट आ जाती है। 

4. हरी कैंडल बनने के अगले दिन मार्किट फिर ऊपर जाने को तैयार देख कर बिकवाल समझ जाते हैं की अब मार्किट का मूंड बदल गया है।  

5. इस कन्फर्मेशन के बाद वो भी खरीदारी करने लग जाते हैं और बाजार तेज़ी से ऊपर जाता है।  

इसको मै एक चार्ट में साफ़ - साफ़ दिखाती हूँ ताकि आपको स्पष्ट समझ में आ जाये


9. मॉर्निंग स्टार / इवनिंग स्टार :- Click Here For Full Detail

मॉर्निंग स्टार / इवनिंग स्टार दोनों कैंडल एक दुसरे के विपरीत होती है इसीलिए मैंने इन दोनों को एक साथ रखा है ताकि आपको कम भाषा में अधिक समझा सकूँ ये दोनों तीन ट्रेडिंग सेशन में बनते हैं मॉर्निंग स्टार में जब मार्किट गिर रहा होता है

तो पहले दिन लाल कैंडल ( रंग आप अपने मन से चुन सकते हो लाल मैंने बेयरिश के लिए चुना है ) फिर एक दोज़ी की तरह का कैंडल फिर एक बुलिश कैंडल ( हरा ) बने तो वो मॉर्निंग स्टार होता है। 


कैंडल स्टिक की सम्पूर्ण जानकारी - Full knowledge of candle stick


इसी के विपरीत इवनिंग स्टार में जब मार्किट बढ़ रहा होता है तो पहले दिन हरा कैंडल ( हरा मैंने मैंने बुलिश के लिए चुना है ) फिर एक दोज़ी की तरह का कैंडल फिर एक बेयरिश कैंडल ( लाल ) बने तो वो इवनिंग स्टार होता है ये पैटर्न भी काफी विश्वसनीय माना जाता है।  

याद रखने योग्य कुछ बातें ( मॉर्निंग स्टार के लिए )  :-

1. डे वन को लाल कैंडल बननी चाहिए।  

2. सेकंड डे एक दोज़ी का बनना।  

3. थर्ड डे को ग्रीन कैंडल बनना।  

इवनिंग स्टार के लिए इसका रंग उल्टा होना चाहिए।  


10. शूटिंग स्टार :-  Click Here For Full Detail

जो अब मै आपको कैंडल पैटर्न के बारे में बताने जा रही हूँ वो ट्रेडिंग की दुनिया में काफी प्रचलित कैंडल है ये वास्तव में दिखने में उल्टे पेपर अम्ब्रेला जैसी ही होती है ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्यों की जहाँ एक और पेपर अम्ब्रेला में लोअर शैडो काफी लम्बी होती है ऊपर शैडो नहीं होता है या ना के बराबर होता है वहीँ शूटिंग स्टार में लोअर शैडो नहीं होता है या ना के बराबर होता है और अपर शैडो काफी लम्बी होता है। 

Read This : Technical Analysis In Hindi Part -2 / टैक्निकल एनालिसिस भाग- २

शूटिंग स्टार एक बेयरिश कैंडल होता है और ये तब बनती है जब मार्किट में खरीदार हावी रहते हैं वो भी काफी समय तक और वो थक जाते हैं या फिर कहें कि वो अब प्रॉफिट बुकिंग के मूंड में आ जाते है इसको मै एक चार्ट के माध्यम से दिखाती हूँ।  

शूटिंग स्टार के बनने के पीछे की सोच कुछ इस प्रकार की होती है :-

1. मार्किट तेज़ी में है और शूटिंग स्टार बनने के एक दिन पहले यह तेज़ी का यानि की हरी कैंडल बनता है।  

2. अगले दिन जिस दिन शूटिंग स्टार बनता है तो बाजार एक नया हाई बनता है किन्तु वहां टिक नहीं पाता है और बिकवाल हावी हो जाते हैं।  

3. बिकवाल के आ जाने से बाजार अपने नए लो पर आके बंद हो जाता है जिससे या तो लाल कैंडल बन जाति है या फिर हरी।  

4. कैंडल की अपर शैडो रियल बॉडी से दुगनी या उससे अधिक होनी चाहिए।  


5. शूटिंग स्टार बन जाने के बाद ऐसी सोच होती है की अब लोग या तो प्रॉफिट बुकिंग करेंगे या बिकवाल आ जायेंगे और ये कुछ दिन तक युहीं चलता रहेगा।   

6. ऐसे में ट्रेडर को बिकवाली  ढूंढने चाहिए।  

7. इसका स्टॉपलॉस इंट्राडे के लिए दिन का हाई होना चाहिए।   

8. रिस्क लेने वाले ट्रेडर्स को ये सुनिश्चित करना होगा की वास्तव में
शूटिंग स्टार बन रहा है या नहीं। 

तो दोस्तों मैंने इसमें जो भी लिखा है वो मेरा सालों का और खुद का किया हुआ अनुभव है और इस उम्मीद के साथ की आप लोग इसको अच्छे से समझ सकें और अपने नुक्सान को रोक सकें या फिर इस उम्मीद से की कुछ लोगों के पास कुछ पैसे तो हैं लेकिन रोजगार नहीं तो मेरे पोस्ट उन लोगों के लिए भी बहुत काम आने वाले हैं अगर आपका कोई सवाल हो तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं मै आपके हर सवाल का जवाब अवश्य दूंगी -- धन्यवाद्


Must Read : - 

1. How To Make A Profit In The Stock Market - शेयर मार्केट में लाभ कमाने का तरीका

Candlestick Pattern In Hindi | Candlestick Chart Pattern | How Do You Read a Candle Pattern | कैंडल स्टिक की सम्पूर्ण जानकारी - Full knowledge of candle stick | How Many Types Of Candlestick Patterns are There In Stock Market | Does Candlestick Patters Realy Work | Which Candlestick Pattern is Most Reliable

Nutan Srivastava

Stock Market, Intraday, Fundamental, Candle Stick, Support-Resistance, IPO, Chart, Earn Money online, LIC IPO, Health & Life Insurance,World Market,

1 टिप्पणियाँ

If you have any doubt pls. let me know or leave a comment ... इस ब्लॉग की सभी जानकारी Education purpose के लिए है, किसी निवेश से पहले अपने फाइनेंसियल सलाहकार से जरुर सलाह ले

  1. आप मुझे यह बतायाे की दुनियामे कितने कँडलस्टीक पँटन है|और ऊनके नाम काैनसे है|

    जवाब देंहटाएं
एक टिप्पणी भेजें
और नया पुराने