What Is Exponential Moving Average ( EMA ) - एक्सपोनेंसिअल मूविंग एवरेज ( EMA ) क्या होता है

 



What Is Exponential Moving Average ( EMA )

एक्सपोनेंसिअल मूविंग एवरेज ( EMA ) क्या होता है

What Is Exponential Moving Average दोस्तों पिछले अध्याय में हमने मूविंग एवरेज के बारे में जाना और बताया कि चार्ट में इसका कितना अधिक महत्व होता है जैसा मैंने आपको अपने पूर्व के अध्याय में बताया था कि अच्छे स्टॉक का चुनाव करने से पूर्व आपको देखना होता है कि वो कितने अधिक पैरामीटर में फिट बैठ रहा है


तब ही हमें उस स्टॉक का चुनाव करना चाहिए ये भी उन पैरामीटर में से एक है तो चलिए जानते हैं की EMA  एक्सपोनेंसिअल मूविंग एवरेज क्या होता है और ये किस प्रकार काम करता है तथा ये स्टॉक के प्राइस को बताने में हमारी क्या मदद करता है 


तो सबसे पहले मै आपको एक चार्ट दिखाती हूँ :-




जब कोई व्यक्ति इन नम्बर्स की औसत गणना करता है तो उसे लगता है कि प्रत्येक बिंदु एक समान होता है किन्तु ये सत्य नहीं है क्योंकि अगर वो सोंच रहा हैं कि १५ मार्च का डाटा उतना ही महत्वपूर्ण है जितना २० मार्च का तो वो गलत है

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बाजार में ये हमेशा सही नहीं होता जैसा कि मैंने आपको अपने पिछले तीन अध्याय जो टेक्निकल एनालिसिस पर आधारित थे उसमे बताया भी था कि स्टॉक की कीमत में सब कुछ शामिल हो जाता है चाहे वो बजट हो , कोई आपदा हो , ग्लोबल मार्किट से कुछ बुरी खबर जो मार्किट को पसंद न आये या युद्ध की संभावना ही क्यों न हो इन अध्याय को आप नीचे दिए गए लिंक पर जाके पढ़ सकते हैं 

Technical Analysis In Hindi Part -1/टैक्निकल एनालिसिस भाग- १Technical Analysis In Hindi Part -2 / टैक्निकल एनालिसिस भाग- २Technical Analysis In Hindi Part -3 / टैक्निकल एनालिसिस भाग- ३

तो आप समझ गए होंगे की २० तारीख जो कि एकदम लेटेस्ट है उसके एवरेज की गणना ज्यादा महत्व रखती है क्योंकि उसकी कीमत में सब कुछ शामिल है इससे ये भी साबित होता है कि २० तारीख का डाटा १९ तारीख से ज्यादा मजबूत है १९ तारीख का डाटा १८ तारीख से ज्यादा मजबूत है १८ तारीख का डाटा १७ तारीख से ज्यादा मजबूत है


ये क्रम इसी प्रकार चलता रहता है तो आपको नये डाटा बिंदु यानि कि आखिरी तारीख के डाटा बिंदु पर अधिक ध्यान देना है और सबसे पुराने डाटा बिंदु पर सबसे कम ध्यान देना है इन्ही संख्याओं के महत्व आधार पर की गयी गणना से प्राप्त हुये औसत से हमें " एक्सपोनेंसिअल मूविंग एवरेज " ( EMA ) प्राप्त होती है


वैसे ये सब आपको गणना करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि हर चार्ट हमें ये सारी सुविधायें देता है किन्तु आपको समझाने का मेरा अभिप्राय आपको इसकी बेसिक जानकारी देना है यहां मै आपको एक चार्ट के माध्यम से एक्सपोनेंसिअल मूविंग एवरेज ( EMA ) और सिंपल मूविंग एवरेज ( SMA ) दोनों को दिखती हूँ 




आप यहां चार्ट में देख सकते हैं EMA लाइन स्टॉक के प्राइस से ज्यादा प्रभावित हो रही है इसीलिए वो स्टॉक के इतना नज़दीक है जबकि SMA लाइन स्टॉक प्राइस से काफी दूर है


मूविंग एवरेज का सही / सरल प्रयोग

( Simple Application Of Moving Average )

मूविंग एवरेज का सही प्रयोग स्टॉक को सही मौके पर खरीदने के लिए किया जाता है जब शेयर का भाव अपने एवरेज मूल्य से अधिक पर ट्रेड करने लगता है तो इसका सीधा सा मतलब ये होता है कि व्यापारी स्टॉक को इसकी औसत कीमत से भी अधिक पर खरीदने को तैयार है और इसका मतलब कि उन्हें ये पता है कि आने वाले समय में इसकी कीमत और बढ़ने वाली है

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इसी उम्मीद के साथ वो इसे हर कीमत पर खरीदने को तैयार है इसी तरह जब स्टॉक अपने वास्तव मूल्य के एवरेज से नीचे ट्रेड करता है तो उसका भी मतलब यही होता है कि ट्रेडर इसको हर कीमत पर बेचकर निकलना चाहता है क्योंकि उसको ये पता चल गया होता है कि अभी इसमें और गिरावट आने वाली है


तो ऐसे में आपको भी बिकवाली का मौका ढूँढना चाहिए याद रहे कि एक अच्छा पैरामीटर आपको मार्किट में एंट्री और एग्जिट दोनों बताता है हम कुछ नियमों के साथ मूविंग एवरेज को अपने सिस्टम में और बेहतरीन तरीके से अपना सकते हैं 


1. बाजार के कर्रेंट प्राइस यानि के ५० दिन EMA से अधिक होने पर हम स्टॉक में खरीदारी कर सकते हैं एक बार खरीदारी करने के बाद आपको तब तक उसमे निवेशित रहना चाहिए जब तक बेचने का कोई सही सिग्नल न मिल जाये 

2. बाजार के कर्रेंट प्राइस यानि के ५० दिन EMA से कम होने पर हम स्टॉक में बिकवाली कर सकते हैं या फिर जो हमने अपनी पोज़िशन बना के रखी हुई है उससे बाहर आना है 


कुछ जरुरी और ध्यान रखने वाली बातें :-


1. मूविंग एवरेज आपको बाजार में कई ट्रेडिंग सिग्नल देता है खरीदारी के भी और बिकवाली के भी इसमें हो सकता है कि कुछ एक में आपको मुनाफा कम हो किन्तु कुछ एक में मुनाफा काफी बड़ा भी होता है  

2. इसमें कई ट्रेड ऐसे भी होते हैं जिनमे आपको रैली भी मिल जाती है वो चाहे बिकवाली की हो या खरीदारी की आपको तो अपने मुनाफे से मतलब है ये मुनाफा इतना बड़ा भी हो सकता है कि आपको मालामाल कर सकता है और आपके पिछले नुक्सान की भरपाई भी 

3. कई छोटे मुनाफे वाले ट्रेड को बड़े मुनाफे वाले ट्रेड से अलग नहीं किया जा सकता है तो लालच में न पड़कर दोनों तरह के ट्रेड से मुनाफा कमाएं किन्तु ये ध्यान रहे कि जैसा मैंने पहले कहा था कि जब तक आपको ट्रेड से बहार निकलने का कोई मजबूत सिग्नल नहीं मिलता तब तक आपको बहार नहीं निकलना है 

4. याद रहे कि मूविंग एवरेज सिस्टम में नुक्सान कम है किन्तु एक बड़े मुनाफे वाला ट्रेड आपके सारे नुक्सान की भरपाई कर देता है 

5. मूविंग एवरेज स्टॉक मार्किट में सफल होने की कुंजी होती है उन सभी गलत सिग्नल को छोड़ कर आपको कई पैरामीटर से चेक करना भी जरुरी है जिससे आपका भरोसा उस स्टॉक पर जो कि आप चुनने जा रहे हैं वो और मजबूत हो जाये 


तो दोस्तों मेरे हिसाब से अब आपको समझ आ गया होगा कि  एक्सपोनेंसिअल मूविंग एवरेज ( EMA ) क्या होता है - What Is Exponential Moving Average ( EMA ) अगर आपका कोई सवाल हो या कहीं कोई डाउट हो तो कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं मै आपके हर सवाल का जवाब अवश्य दूंगी - धन्यवाद 

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