Which Indicator is best for trading : कौन सा इंडिकेटर शेयर मार्किट में ट्रेडिंग के लिए सबसे बढ़िया होता है





           Which Indicator is best for trading


अगर आप शेयर मार्किट के बारे में थोड़ा बहुत भी जानते होंगे तो आपने इंडिकेटर का नाम बहुत बार सुना या पढ़ा होगा छोटे / बड़े ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स दोनों इसका बहुत उपयोग करते हैं और वो इसका उपयोग क्यों अधिक करते हैं और इसका ट्रेडिंग में क्या महत्व होता है चलिए जानते हैं 


वैसे तो बहुत सारे इंडिकेटर ट्रेडिंग के लिए उपयोग में लाये जाते हैं किन्तु उनमे से कुछ इंडिकेटर ऐसे हैं जो बहुत सटीक हमको ट्रेडिंग के ( Buy और Sale ) सिगनल देते हैं इसका ट्रेडिंग में बहुत अधिक महत्व होता है और ये हमें बताता है की हमारा स्टॉप लॉस कहाँ होना चाहिए , सपोर्ट लेबल कहाँ है , हमें कहाँ पर खरीदारी करनी चाहिए या फिर बिकवाली करनी चाहिए आदि


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इंडिकेटर के बारे में लोगों की भिन्न - भिन्न राय हो सकती हैं जो व्यक्ति जिस इंडिकेटर को अच्छे से समझता है या महारत हासिल कर लेता है वो उसका इस्तेमाल करता है हाँ ये आप पर निर्भर करता है कि आप एक ही चार्ट पर कितने इंडिकेटर का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि कुछ इंडिकेटर केवल ओवर सोल्ड या ओवर बोट बताता हैं तो कुछ वॉल्यूम के साथ खरीदारी को भी दर्शाता हैं  


इंडिकेटर की अगर बात की जाये तो ये करीब ७० से ७५ तक होते हैं जिनमे मुख्य रूप से निम्न इंडिकेटर प्रयोग में लाये जाते हैं : -


RSI , वॉल्यूम , MA , EMA , बोलिंगर बैंड , डबल EMA , EMA क्रॉस , MA क्रॉस , MACD , RVI , स्टॉकास्टिक RSI , स्टॉकास्टिक


ये वो इंडिकेटर हैं जो सर्वाधिक उपयोग में लाये जाते हैं मैं अपने ब्लॉग में RSI , VOLUME , MA , EMA ,  के बारे में पहले ही जानकारी दे चुकी हूँ   जिसको आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पूरी डिटेल में पढ़ सकते हैं और इसको चार्ट में कैसे सेट करते हैं आप वो भी पढ़ सकते हैं इन सबका लिंक मैने आपको नीचे दिया हुआ है 


Know about the RSI

Know about the VOLUME

Know about the MA 

Know about the EMA

How To Set Indicators In Chart


अब बात आती है कि कौन सा इंडिकेटर बढ़िया होता है जो बिलकुल सटीक भविष्यवाणी करता है तो आपको यहां बताते चलें कि हर इंडिकेटर का अपना महत्व होता है किन्तु आप अपने चार्ट में ७० से ७५ इंडिकेटर का इस्तेमाल नहीं कर सकते अगर आप इस्तेमाल करेंगे तो आपको चार्ट में कुछ समझ नहीं आएगा 


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आपको जरुरत है सिर्फ ४ से ५ इंडिकेटर के बारे में अच्छे से जानने की जो मै और कुछ इन्वेस्टर भी करते हैं जिनमे से मुख्य रूप से RSI , MA , EMA , Volume , बोलिंगर बैंड हैं इसका मै आपको एक चित्र भी दिखाती हूँ इन सभी इंडिकेटर को आप बड़े ही आसानी के साथ investing.com की साइट पर सेट कर सकते हैं जो की मै आपको पहले भी अपने ब्लॉग में बता चुकी हूँ जिसको आप दोबारा यहां क्लिक करके देख सकते हैं


RSI Indicator :-




MA & EMA Indicator :-




Volume :-




मै आपको सारे इंडिकेटर के बारे में विस्तार के साथ बता चुकी हूँ अब सिर्फ बचा है बोलिंगर बैंड जो कि बहुत ही विख्यात इंडिकेटर है और सभी प्रकार के छोटे और बड़े ट्रेडर्स इसका प्रयोग करते हैं यह शेयर की वोलैटिलिटी को दर्शाता है इस इंडिकेटर में स्टॉक का प्राइस इंडिकेटर के अंदर ही रहता है और वहीँ मूव करता है ये दो लाइन्स के बीच बंटा हुआ होता है आइये जानते हैं कि यह कैसे काम करता है  


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ऊपर वाली लाइन को अपर बैंड तथा नीचे वाली लाइन को लोवर बैंड कहा जाता है अगर स्टॉक की कीमत अपर बैंड की ओर जाने लगे तो उसको ओवर बोट कहते हैं और यह एक बिकवाली का संकेत होता है इसी तरह जब स्टॉक नीचे की ओर जाने लगे तो उसको ओवर सोल्ड कहते हैं और ये एक खरीदारी का संकेत होता है जब Price अधिक ऊपर या नीचे होता है तो ये Expand हो जाता है और जब Price ऊपर नीचे कम होता है तो Band भी सिकुड़ जाता है तो इस प्रकार ये इंडिकेटर शेयर की Volatility को दर्शाता  है 


बोलिंगर बैंड साइड वेज मार्किट में सबसे अच्छा सपोर्ट और रेजिस्टेंस को दर्शाता है इसके द्वारा स्टॉक के ट्रेंड का पता चलता है जब भी शेयर की कीमत ऊपर के प्राइस बंद को तोड़ती है और ये कुछ समय तक ऊपर ही रहती है तो इसे बुलिश का सिग्नल मन जाता है


इसी प्रकार अगर शेयर की कामत लोअर बैंड को तोड़ती है और कुछ समय नीचे ही रहती है तो वो बेयरिश का सिग्नल होता है अगर शेयर बुलिश है और शेयर की कीमत अपर बैंड से मिडिल बंद की और जाने लगे तो ये एक बुलिश रिवर्सल का सिग्नल होता है


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इसी प्रकार अगर शेयर बेयरिश है और शेयर की कीमत लोअर बैंड से मिडिल बैंड की और जाने लगे तो ये एक बेयरिश रिवर्सल का सिग्नल होता है मतलब कि अब शेयर की चाल बदलने वाली है और  खरीदारी करनी चाहिए 


जब बंद  दूसरे की तरफ आने लगता है तो इसका मतलब ट्रेंड का मोमेंटम ख़त्म हो गया है या फिर कम हो गया है एक बात ज्यादा ध्यान देने वाली ये होती है कि अगर स्ट्रांग है तो ये काफी फाल्स ( False ) सिग्नल देता है ये सिर्फ साइड वेज मार्किट में ही अच्छा काम करता है आपको और अच्छे से  समझाने के लिए मै इसका  चित्र आपको शेयर कर रही हूँ 



आपको ये अध्याय कैसा लगा ये अवश्य बताएं और इसको आजमा के देखें अगर आपको चार्ट सेट करने में या ट्रेडिंग में अभी भी कोई दिक्कत आ रही हो तो आप कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं मै आपकी हर संभव मदद करुँगी  - धन्यवाद् - Happy Investing


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