Support and Resistance Trading Strategy In Hindi | सपोर्ट और रेजिस्टेंस कैसे काम करता है | Support and resistance (S & R) क्या होता है?


शेयर बाजार में कैसे काम किया जाता है? | सपोर्ट और रेजिस्टेंस | Support and resistance (S & R) क्या होता है? | Support and Resistance Trading Strategy In Hindi | What is Support and resistance in stock market | Support And Resistance Level In Hindi | सपोर्ट के आधार पर ट्रेड लेना | Resistance - रेजिस्टेंस के आधार पर ट्रेड



Stock को कब लेना है और कब बेचना है इसमें उसका सपोर्ट और  रेजिस्टेंस काफी अहम् भूमिका निभाते हैं अगर आपने Support and resistance (S & R) क्या होता है? नहीं समझा है तो आप कभी भी स्टॉक मार्किट में सफल नहीं हो पाएंगे और अगर आप इसको अच्छे से जानना चाहते हैं तो मेरी पूरी पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। 

हम आज यहां आपको Support and Resistance Trading Strategy In Hindi की पूरी जानकारी देंगे चार्ट भी दिखाएंगे और आपको ये विश्वास दिलाते हैं की इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको और किसी की भी सहायता की जरुरत नहीं पड़ेगी तो चलिए शुरू करते हैं जानने की लेकिन उससे पहले जानते हैं इसका मतलब कि What is Support and resistance in stock market

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आप गूगल में सर्च करेंगे तो आपको बहुत से ब्लॉग मिल जायेंगे किन्तु हम आपको बिलकुल साधारण और इतनी आसान भाषा में समझायेंगे कि आपके सारे डाउट्स क्लियर हो जायेंगे तो चलिये सबसे पहले समझते हैं -  सपोर्ट क्या होता है

What is Support सपोर्ट क्या होता है :-

Support का हिंदी में अर्थ होता है सहारा देना और इसको स्टॉक मार्किट की दुनिया में ये स्टॉक को सहारा देने का काम करता है इसको एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं और फिर हम आपको यहां कुछ चित्र भी दिखाएंगे

Support का मतलब जब किसी स्टॉक का प्राइस गिर रहा होता है और वो अपनी किसी पुरानी गिरावट के प्राइस को बार-बार हिट करके वापिस ऊपर जा रहा होता है या उसी के आस पास घूम रहा होता है और स्टॉक का प्राइस उस प्राइस से और नीचे जाने को तैयार नहीं होता है तो उसको सपोर्ट कहा जाता है और वहाँ पर हम एक लाइन खींच देते हैं जिसको सपोर्ट लाइन कहते हैं अब हम पहले आपको एक चित्र दिखते हैं


ऊपर दिये गये चित्र में आप देखेंगे कि नीचे 2 नीली लाइन जिसमे स्टॉक में गिरावट के समय पिछली गिरावट का स्टॉक ने बहुत बार सपोर्ट लिया और वापिस ऊपर गया किन्तु जब ये सपोर्ट तोड़ता है तो इसमें और भी ज्यादा गिरावट आ जाती है जो कि या तो नया लो (Low) बना देती है या पिछले स्टॉक के लो को जो तोडा है उसके बाद के लो का सपोर्ट ले सकता है और ये अनुमान लगाया जाता है जो कि अधिकतर सही साबित होता है। 

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ऐसा ही आप ऊपर लाल और हरी लाइन में भी देखेंगे जिसने करीब 3 से 4 बार सपोर्ट लिया और बार-बार ऊपर गया और ये पोस्ट लिखने वाले दिन भी इसने सपोर्ट लिया है यानी कि 23 मई 2022 अब अगर ये सपोर्ट टूटता है तो ये हरी वाली लाइन को छूने की कोशिश करेगा और ये लाइन काफी नज़दीक है तो हरी लाइन के नीचे प्राइस जाने पर इसमें काफी बड़ी गिरावट आ सकती है या फिर नया लो बना सकता है। 

अब हम आपको उदाहरण के लिये एक और ऐसा चित्र दिखाएंगे जिसमे स्टॉक का प्राइस अपने पिछले लो (Support) को बार-बार टच करता है किन्तु जैसे ही वो उसको तोड़ता है वैसे ही वो नया लो बनाने की या तो कोशिश करता है या पुराने लो के और पुराने लो को छूने की कोशिश करता है 


जैसा आपको चित्र में दिखेगा नीले घेरे में स्टॉक ने कई बार समय बिताया  इसने नील घेरे को तोडा तो लाल लाइन जो इसका अगला लो था किन्तु काफी नज़दीक होने की वजह से इसने जल्दी ही इसको तोड़ दिया और इसमें भरी गिरावट आ गयी जैसा हमने आपको ऊपर बताया भी था। 


Conclusion :-

किसी स्टॉक के पहले के लो जिसको गिरावट में वर्तमान का प्राइस बार-बार हिट कर रहा होता है उसे सपोर्ट कहते हैं किन्तु अगर स्टॉक का प्राइस  उसको तोड़ देता है तो वर्तमान प्राइस नया सपोर्ट को ढूंढता है या फिर नया सपोर्ट बनदेता है अब इसको हम वैल्यू के साथ समझने की कोशिश करते हैं:-

मानलीजिए हिंडालको के शेयर प्राइस की वर्तमान कीमत 400 रूपये है और ये 10 दिन पहले 450 थी लगातार कीमत गिरने के बाद आज ये 400 रुपये पर पहुँच गया और ये तीन - चार दिन से 400 से 410 के बीच ही घूम रहा है अब हम देखते हैं कि करीब 2 महीना पहले शेयर के प्राइस ने 400 का लो बनाया था और उसके कुछ दिन पहले उसी शेयर ने 370 का लो बनाया था

तो अब ये माना जा सकता है कि शेयर 400 का सपोर्ट ले रहा है किन्तु अगर ये इस सपोर्ट को तोड़ता है तो 370 तक जा सकता है। 

सपोर्ट के आधार पर ट्रेड लेना :-

सपोर्ट के आधार पर ट्रेड लेना ज्यादा मुश्किल नहीं है किन्तु स्टॉक मार्किट में निवेश किया है तो हमेसा लॉस के लिये भी खुद को तैयार रखें सपोर्ट में भी आपको स्टॉप लॉस के साथ काम करना होता है क्यूंकि जो स्टॉक 400 में चल रहा था अगर अचानक उसने सपोर्ट को तोड़ दिया तो ये 370 तक जा सकता है तो आपको बहुत भारी नुक्सान हो सकता है। 

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तो आपने स्टॉक को 400 पर लिया और एक स्टॉप लॉस 393 ये 395 का लगा दिया अब अगर स्टॉक सपोर्ट तोड़कर और गिरता है तो आपको नुक्सान 5 से 7 रुपये का ही होगा और अगर ये वापिस ऊपर चला जाता है तो आपको काफी बड़ा फायदा हो सकता है तो कम नुक्सान के साथ बड़ा फायदा लेना ही स्टॉक मार्किट में सफलता का मूल मन्त्र है। 

ये तो हमने आपको सपोर्ट के बारे में बताया था अब बात करते हैं रेजिस्टेंस (resistance) के बारे में 

What is Resistance रेजिस्टेंस क्या होता है :-

जो हमने आपको ऊपर सपोर्ट के बारे में बताया Resistance - रेजिस्टेंस  बिलकुल उसका बिलकुल उल्टा होता है Resistance - रेजिस्टेंस में जब स्टॉक की कीमत बढ़ रही होती है और एक समय ऐसा आता है की स्टॉक का प्राइस एक रेंज बांड में टहलता रहता है, कोई बड़ा मूव नहीं देता है और अपने पिछले हाई को बार-बार छू कर वापिस आ जाता है तो जिस पिछले हाई को स्टॉक बार-बार छूता है वो उसका Resistance रेजिस्टेंस कहलाता है। 

इसको अच्छे से समझने के लिये हम आपको कुछ चित्र दिखाते हैं ताकि आप इसे अच्छे से समझ सकें


अगर आप ऊपर के चित्र को ध्यान से देखेंगे तो स्टॉक लाल रेंज में ही घूम रहा है ये अनुमान लगाया जा सकता है कि अगर स्टॉक का प्राइस ऊपर वाली लाल लाइन को क्रॉस करता है तो ये नीली लाइन को टच करने की कोशिश करेगा और अगर इसने नीली लाइन को भी पार कर दिया तो स्टॉक लम्बी दौड़ लगाने के लिये तैयार हो जाता है। 

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इसको हम ब्रेक आउट भी कहते हैं अगर ये अपने हाई के पास है तो इसमें थोड़ा ये भी ध्यान रखना होता है कि अगर आप ब्लू चिप स्टॉक का चयन करते हैं तो ये ज्यादा काम करता है क्यूंकि ये एक प्रॉफिट मेकिंग कम्पनी होती है और इसमें ज्यादा समय तक गिरावट नहीं होती।  

Resistance - रेजिस्टेंस के आधार पर ट्रेड :-

Resistance - रेजिस्टेंस के आधार पर ट्रेड किस प्रकार लिया जाये इसके भी कुछ तरीके हैं:-

1. या तो आप ब्रेकआउट का या स्टॉक का प्राइस नीली कैंडल के ऊपर जाने का इंतज़ार करें तब ट्रेड लें इससे आपको स्टॉक थोड़ा महंगा मिलेगा लेकिन प्रॉफिट के चांस जल्दी और ज्यादा हो सकते हैं। 

2. आप ट्रेड लेने के बाद उसके ब्रेकआउट का इंतज़ार करें इससे आपको स्टॉक बेहद सस्ते दाम में मिल जायेगा किन्तु आपको ब्रेकआउट का इंतज़ार करना पड़ेगा।

Resistance - रेजिस्टेंस के आधार पर स्टॉप लॉस 

पहले ऑप्शन में आपके ट्रेड लेने के बाद नीली लाइन आपका सपोर्ट हो जाएगी तो आपको उसके नीचे का स्टॉप लॉस लगा लेना है और दूसरे ऑप्शन में आपको चित्र में दिखाई गयी नीचे वाली लाल लाइन के नीचे का स्टॉप लॉस लगा देना है। 

इसको अब हम वैल्यू के माध्यम से समझने की कोशिश करते हैं मान लीजिये नीली लाइन पर स्टॉक का प्राइस 420 है और ऊपर वाली लाल  लाइन पर प्राइस 410 है और नीचे वाली लाल लाइन पर प्राइस 400 है तो ऊपर दिये गये पहले तरीके में आपको एंट्री करनी है जब स्टॉक का प्राइस 420 के ऊपर करीब 422 से 425 के बीच हो और स्टॉपलॉस आपका होगा पहली लाल लाइन के नीचे 408-407

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दूसरे ऑप्शन में अगर आप स्टॉक जो कि 400 से 410 के बीच समय बिताता है और आप स्टॉक को 405 पर ले लेते हैं तो आपका स्टॉप लॉस होगा दूसरी लाल लाइन के नीचे मतलब 400 के नीचे करीब 395-397  


Conclusion :

आज हमने जाना कि शेयर बाजार में सपोर्ट और रेजिस्टेंस  कैसे काम किया जाता है? और Support and resistance (S & R) क्या होता है?Support and Resistance की Trading Strategy In Hindi तथा Support & Resistance के आधार पर ट्रेड लेना अगर आपका कोई सवाल हो या आपको कोई भी डॉउट हो तो कमेंट सेक्शन में पूछ सकते हैं। 


नोट : टेक्निकल एनालिसिस और चार्ट स्टॉक में सही समय पर एंट्री और एग्जिट को बताता है किन्तु ये ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि आपके ट्रेड के समय मार्किट नार्मल हो मतलब स्टॉक में या उसके सेक्टर में कोई अच्छी या बुरी खबर, ग्लोबल मार्किट आदि तब कोई भी टेक्निक काम नहीं करती है ऐसे में उस समय ट्रेडिंग से बचना ही  समझदारी होती है क्योंकि स्टॉक मार्किट में कहा जाता है कि कमाने से अच्छा अपने पैसे को बचाना जरुरी है। 


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FAQ


Qs. Stock Market में सपोर्ट क्या होता है (What is Support)?

Ans. Support का हिंदी में अर्थ होता है सहारा देना और इसको स्टॉक मार्किट की दुनिया में ये स्टॉक को सहारा देने का काम करता है इसको एक उदाहरण से समझने की कोशिश करते हैं जब किसी स्टॉक का प्राइस गिर रहा होता है और वो अपनी किसी पुरानी गिरावट के प्राइस को बार-बार हिट करके वापिस ऊपर जा रहा होता है या उसी के आस पास घूम रहा होता है और स्टॉक का प्राइस उस प्राइस से और नीचे जाने को तैयार नहीं होता है तो उसको सपोर्ट कहा जाता है। 

Qs. क्या सपोर्ट के आधार पर ट्रेड लिया जाना चाहिए?

Ans. सपोर्ट के आधार पर ट्रेड लेना ज्यादा मुश्किल नहीं है और लिया भी जा सकता है किन्तु अगर आपने स्टॉक मार्किट में निवेश किया है तो हमेसा लॉस के लिये भी खुद को तैयार रखें सपोर्ट में भी आपको स्टॉप लॉस के साथ काम करना होता है क्यूंकि जो स्टॉक 400 में चल रहा था अगर उसने  सपोर्ट को तोड़ दिया तो ये 370 तक जा सकता है तो आपको बहुत भारी नुक्सान भी हो सकता है। तो स्टॉप लॉस जरूर रखें।  

Qs. What is Resistance in Stock Market? स्टॉक मार्किट में  रेजिस्टेंस क्या होता है?

Ans. Resistance - रेजिस्टेंस में जब स्टॉक की कीमत बढ़ रही होती है और एक समय ऐसा आता है की स्टॉक का प्राइस एक रेंज बांड में टहलता रहता है, कोई बड़ा मूव नहीं देता है और अपने पिछले हाई को बार-बार छू कर वापिस आ जाता है तो जिस पिछले हाई को स्टॉक बार-बार छूता है वो उसका Resistance रेजिस्टेंस कहलाता है। 

Qs. क्या Resistance - रेजिस्टेंस के आधार पर ट्रेड लेना उचित है?

Ans. Resistance - रेजिस्टेंस के आधार पर ट्रेड लिया जा सकता है और वो कैसे लिया जाये ये हम आपको बताते हैं। 

1. या तो आप ब्रेकआउट का या स्टॉक का प्राइस नीली कैंडल के ऊपर जाने का इंतज़ार करें तब ट्रेड लें इससे आपको स्टॉक थोड़ा महंगा मिलेगा लेकिन प्रॉफिट के चांस जल्दी और ज्यादा हो सकते हैं। 

2. आप ट्रेड लेने के बाद उसके ब्रेकआउट का इंतज़ार करें इससे आपको स्टॉक बेहद सस्ते दाम में मिल जायेगा किन्तु आपको ब्रेकआउट का इंतज़ार करना पड़ेगा। 

Qs. रेजिस्टेंस के आधार पर स्टॉप लॉस क्या होना चाहिए?

Ans. पहले ऑप्शन में आपके ट्रेड लेने के बाद नीली लाइन आपका सपोर्ट हो जाएगी तो आपको उसके नीचे का स्टॉप लॉस लगा लेना है और दूसरे ऑप्शन में आपको चित्र में दिखाई गयी नीचे वाली लाल लाइन के नीचे का स्टॉप लॉस लगा देना है।


Qs. 

Ans. टेक्निकल एनालिसिस और चार्ट स्टॉक में सही समय पर एंट्री और एग्जिट को बताता है किन्तु ये ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि आपके ट्रेड के समय मार्किट नार्मल हो मतलब स्टॉक में या उसके सेक्टर में कोई अच्छी या बुरी खबर, ग्लोबल मार्किट आदि तब कोई भी टेक्निक काम नहीं करती है ऐसे में उस समय ट्रेडिंग से बचना ही  समझदारी होती है क्योंकि स्टॉक मार्किट में कहा जाता है कि कमाने से अच्छा अपने पैसे को बचाना जरुरी है। 



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Nutan Srivastava

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If you have any doubt pls. let me know or leave a comment ... इस ब्लॉग की सभी जानकारी Education purpose के लिए है, किसी निवेश से पहले अपने फाइनेंसियल सलाहकार से जरुर सलाह ले

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